सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने कहा, खनन क्षेत्रों में लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किए जाएं
स्टेट ब्यूरो, लखनऊ
खबर है कि सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने व्यापक स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है।
बताया गया कि इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों की जांच की गई। जिन वाहनों में अवैध परिवहन व ओवरलोडिंग पाई गई, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत करीब 636 वाहनों पर 2 करोड़ 93 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया, जिसमें से 1 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि मौके पर ही जमा कराई गई। जारी एक बयान में बताया गया कि सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निर्देश पर संयुक्त निदेशक अमित कौशिक के नेतृत्व में निदेशालय स्तर से मिर्जापुर, सोनभद्र, हमीरपुर, महोबा, सहारनपुर एवं चित्रकूट सहित विभिन्न जनपदों में सघन जांच की गई।
बुधवार को इस विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (ISTP) प्रपत्रों के साथ ही सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जनपदों में संचालित खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर ही निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सचिव एवं निदेशक ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पारदर्शी खनन व्यवस्था तथा राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती एवं प्रभावशीलता के साथ निरंतर जारी रहेगा।
