बेटी को न्याय दिलाने के लिए आरोपियों के खिलाफ खड़े हुए पिता ने कहा-बेटियां सुरक्षित रहें, इसके लिए वह तब तक लड़ते रहेंगे जब तक कि आरोपियों को कठोरतम सजा नहीं मिल जाती
निखिल पांडेय, गोरखपुर
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में 12 मई को जिस 31 वर्षीय रत्ना प्रिया सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी, वह मामला अब हाई प्रोफाइल हो गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। Justice for Ratna गोरखपुर की बेटी रत्ना प्रिया सिंह को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठने लगी है। बेटी को न्याय दिलाने के लिए आरोपियों के खिलाफ खड़े हुए पिता सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि देश व प्रदेश की बेटियां सुरक्षित रहें, इसके लिए वह तब तक लड़ते रहेंगे जब तक कि आरोपियों को कठोरतम सजा नहीं मिल जाती।
आपको बता दें कि राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में 12 मई को जिस 31 वर्षीय रत्ना प्रिया सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी, वह गोरखपुर की बेटी थी। वह मूल रूप से गोरखपुर कैंट के बिछिया निवासी सुधीर कुमार सिंह की पुत्री रत्ना थी, जो कई वर्षों से लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ड के टॉवर सी-1 के फ्लैट 804 में रहती थी और विरासत होटल में कार्यरत थी।
आत्महत्या करने से पहले रत्ना सिंह ने रोते हुए एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसमें आत्महत्या किए जाने के कारणों का हवाला देते हुए 5 लोगों का नाम लेकर जिम्मेदार ठहराया है और उन पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ाना देने का आरोप लगाया हैl आत्महत्या से पहले रत्ना ने अपनी दो दोस्तों को फ़ोन पर जानकारी भी थी, जिन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने तक रत्ना अपना जीवन समाप्त कर चुकी थीl
पिता सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि रत्ना एक मजबूत और गंभीर लड़की थी। उसको भयभीत कर मानसिक रूप तोड़ दिया गया, जिसके बाद उसने ऐसा कदम उठाया। पिता ने बताया कि बेटी ने परिवार की मर्यादा को बचाने के लिए परिवार को इस विषय में सूचित तक नहीं कियाl उसने 4 माह पूर्व ही नौकरी छोड़कर गोरखपुर में ही अपना काम शुरू करने के लिए आने का निर्णय किया था, जिसे उसने बताया था। रोते हुए माता-पिता ने बताया कि अब वे उसके विवाह के लिए सोच रहे थे, उन्हें मालूम ही नहीं चला की रत्ना इतनी तकलीफ में थी।
पिता ने कहा कि जिन लोगों के नाम उसने अंतिम समय में लिए हैं, उन सब को कठोरतम सजा दिलाने के लिए वह तब तक लड़ते रहेंगे जब तक कि उन सभी आरोपियों को कठोरतम सजा नहीं मिल जाती। कहा कि उन आरोपियों ने मिलकर इस तरह के हालत पैदा किये कि हमारी बहादुर बेटी कमजोर पड़ गई और आज हमारे बीच नहीं है। ऐसे लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बेटी के साथ ऐसा करने की दूसरा कोई हिम्मत ना कर सके।
पिता ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना काफी देर में दी गई थी और पोस्टमार्टम में भी देरी की गई थीl बताया कि शरद सिंह उसकी पत्नी पल्लवी जोशी, वैशाली, मंगल यादव, प्रशांत शर्मा के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि प्रदेश सरकार सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई कर उनकी मृतक बेटी को न्याय जरूर दिलाएगी।
उधर, बताया जाता है मुख्यमंत्री के संज्ञान में लेने के बाद नामजद आरोपियों में से मंगल यादव की गिरफ्तारी पुलिस ने कर ली है। आरोपी मंगल की गिरफ़्तारी के साथ होटल विरासत, बैंकवेट हॉल और मानसून सलून को सीज करने की कार्रवाई भी की जा चुकी है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैl पुलिस मोबाइल, डिजिटल साक्ष्य सीसीटीवी फूटेज अदि साक्ष्यों की मदद से मामले की तहकीकात में जुट गई हैl
