एक सप्ताह के अंदर दूसरी मौत से मचा हड़कंप, रितेश के परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप, संदेह के घेरे में नशा मुक्ति केंद्र, घटना के बाद केंद्र संचालक फरार, हिरासत में लिए गए दो कर्मचारियों से पुलिस कर रही पूछताछ

गणेश धर द्विवेदी

जनपद देवरिया के बेलडाढ़ मोड़ स्थित अवतार नशा मुक्ति केंद्र में एक सप्ताह के भीतर दूसरी मौत होने से हड़कंप मच गया है। सोमवार की रात इसी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती 39 वर्षीय रितेश राव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले में संस्था के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। केंद्र का संचालक अपने अन्य स्टाफ के साथ फरार बताया जा रहा है। बीते 21 मई को इस केंद्र में भर्ती सदर कोतवाली के तिलई बेलवा निवासी सुरेश यादव (38) पुत्र लाल वचन यादव की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार मृतक रितेश राव सदर कोतवाली क्षेत्र के राघव नगर मोहल्ला निवासी वृजेश राव के पुत्र थे। वे नशे की लत से पीड़ित थे और परिवार ने उन्हें बीते 11 मई को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। रितेश के परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि रितेश की मां सोमवार की शाम करीब 6 बजे जब रितेश से मिलने पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। उन्हें केवल सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से रितेश को दिखाया गया और उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। रात में केंद्र से फोन कर तबीयत ज्यादा खराब होने की जानकारी दी गई। इस सूचना पर परिवार के लोग केंद्र पहुंचे, वहां रितेश को यह कहकर परिजनों को सौंप दिया गया कि बेहोश हैं इन्हें अस्पताल ले जाइए। वहां से परिजन देवरिया मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने एक-दो घंटे पहले ही मौत हो जाने की बात बताई। रितेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

परिजनों ने केंद्र पर लापरवाही और धमकी देने का आरोप लगाया है। रितेश के परिजनों ने बताया कि बीते 21 मई को भी केंद्र में भर्ती सदर कोतवाली के तिलई बेलवा निवासी सुरेश यादव (38) पुत्र लाल वचन यादव की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। रितेश उस पिछली मौत की सच्चाई उजागर करने और गवाही देने की बात कह रहा था। परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर केंद्र के कर्मचारी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे, लेकिन रितेश फिर भी सच्चाई सामने लाने पर अड़ा था। मामला जो भी हो पर इस घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।

इस घटना को लेकर सदर सीओ संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि रितेश राव पुत्र बृजेश राव निवासी राघव नगर दुर्गा मंदिर थाना कोतवाली जिला देवरिया के रहने वाले थे, जो नशे के आदि थे, उनके परिजनों ने नशा छुड़वाने के लिए दिनांक 11 मई को अवतार नशा मुक्ति केन्द्र बेलडाढ़ मोड़ में भर्ती कराया था। 25 मई की शाम में अवतार नशा मुक्ति केन्द्र से रितेश राव के परिजनों को फोन आया कि उनकी तबियत ज्यादा खराब है, आप आ जाइए। जब परिजन वहां पर पहुंचे तो अवतार नशा मुक्ति केन्द्र के कर्मचारियों ने रितेश राव जो बेसुध हालत में थे, उनके परिजनों की गाड़ी में रखवा दिया। परिजन रितेश राव को तत्काल मेडिकल कॉलेज देवरिया लेकर गए, जहां डाक्टरों ने चेकअप के बाद बताया कि इनकी मृत्यु हो चुकी है। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस ने 26 मई को मृतक रितेश राव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।