लिंक्डइन रिपोर्ट में AI नौकरियों में सालाना 59.5 फीसदी वृद्धि का खुलासा

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और इसके साथ ही रोजगार के अवसरों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। लिंक्डइन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में AI इंजीनियरिंग से जुड़ी नौकरियों में साल-दर-साल 59.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज ग्रोथ में से एक मानी जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब AI नौकरियों का दायरा केवल बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है। हैदराबाद में AI हायरिंग में 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि विजयवाड़ा जैसे टियर-2 शहर में यह आंकड़ा 45.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि अब छोटे शहर भी टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से उभर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI का बढ़ता उपयोग इस उछाल की सबसे बड़ी वजह है। बड़ी कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, गवर्नेंस और बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में निवेश कर रही हैं, जिससे AI प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं, छोटे और मझोले उद्योग भी अब इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और AI को अपनाने के नए प्रयोग कर रहे हैं।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी AI का असर साफ दिख रहा है। यहां AI इंजीनियरिंग से जुड़े टैलेंट में चार गुना तक वृद्धि हुई है और 2025 तक यह वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है। यह संकेत देता है कि AI अब सिर्फ आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य उद्योगों में भी तेजी से फैल रहा है।

लिंक्डइन इंडिया के इंजीनियरिंग प्रमुख मलई लक्ष्मणन के अनुसार, AI एजेंट्स, प्रोडक्टिविटी टूल्स और ऑटोमेशन से जुड़ी स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वे इंजीनियर्स, जो केवल प्रयोग तक सीमित न रहकर AI को व्यावहारिक रूप से लागू करने की क्षमता रखते हैं, उन्हें करियर में अधिक अवसर मिलेंगे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि AI सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान के बजाय प्रैक्टिकल स्किल्स, प्रोजेक्ट्स और रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन पर ध्यान देना होगा।

कुल मिलाकर, भारत का AI जॉब मार्केट अब तेजी से विस्तार कर रहा है और यह सिर्फ महानगरों तक सीमित न रहकर देश के विभिन्न हिस्सों में नए अवसर पैदा कर रहा है।