मोबाइल और लैपटॉप से घर बैठे भरा जा सकेगा पूरा फॉर्म, 22 मई के बाद घर पहुंचकर प्रगणक करेंगे जानकारी का सत्यापन

निखिल पांडेय

जनगणना-2027 को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में इस बार लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी जा रही है। आज से स्वगणना प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए घर बैठे परिवार और मकान से जुड़ी पूरी जानकारी पोर्टल पर भर सकेगा। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंचकर आंकड़ों का सत्यापन करेंगे।

ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए लोगों को सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप के इंटरनेट ब्राउजर में se.census.gov.in वेबसाइट खोलनी होगी। इसके बाद होमपेज पर उत्तर प्रदेश का चयन कर कैप्चा भरना होगा। फिर रजिस्ट्रेशन विकल्प पर क्लिक कर घर के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का पंजीकरण किया जा सकेगा।

रजिस्ट्रेशन के बाद लोगों को 16 भाषाओं में से अपनी सुविधानुसार भाषा चुनने का विकल्प मिलेगा। ओटीपी सत्यापन पूरा होने के बाद 33 सवालों वाला फॉर्म खुलेगा, जिसमें मकान और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी भरनी होगी।

फॉर्म में मकान की स्थिति, दीवार, छत और फर्श की बनावट, कमरों की संख्या, पानी, शौचालय, बिजली, एलपीजी, मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, साइकिल, बाइक और कार जैसी सुविधाओं से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। यदि किसी सवाल को समझने में परेशानी हो, तो पोर्टल पर उपलब्ध टूलटिप्स और सहायता विकल्प की मदद ली जा सकती है।

लोगों को अपना पूरा पता भी दर्ज करना होगा, जिसमें जिला, शहर या गांव और पिन कोड शामिल रहेगा। साथ ही गूगल मैप पर दिख रहे लाल मार्कर को अपने घर की सही लोकेशन पर सेट करना होगा, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में आसानी हो सके।

सभी जानकारियां भरने के बाद पूरा डाटा दोबारा जांचना जरूरी होगा। अधिकारियों ने विशेष रूप से कहा है कि घर के मुखिया का नाम सावधानी से भरा जाए, क्योंकि बाद में इसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

फॉर्म सबमिट होते ही स्क्रीन पर 12 अंकों की एसई आइडी दिखाई देगी। इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होगा। यह आइडी मोबाइल संदेश और ईमेल पर भी भेजी जाएगी। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे इसका स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रख लें।

गोरखपुर के जनगणना के नोडल अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत सिंह ने बताया कि जिले में पूरी प्रक्रिया के लिए करीब 12 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति 7 से 21 मई के बीच खुद ऑनलाइन जानकारी भर देता है, तो बाद में प्रगणक के घर पहुंचने पर उसे केवल अपनी 12 अंकों की एसई आइडी बतानी होगी। इसके जरिए पूरी जानकारी सीधे प्रगणक के एप पर डाउनलोड हो जाएगी और उसे केवल पुष्टि करनी होगी।

"प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगी, साथ ही लोगों और प्रगणकों दोनों का समय भी बचेगा।"