चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लम्बे अवधि से लम्बित ग्रामों में अभियान चलाकर इस वित्तीय वर्ष में चकबन्दी प्रक्रिया समाप्त की जाए : अपर्णा यू

 लखनऊ। राजधानी से खबर है कि राज्य की 46 ग्रामों में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लम्बे अवधि से लम्बित ग्रामों में अभियान चलाकर चकबन्दी प्रक्रिया समाप्त करने का हुक्म जारी किया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने इसमें तेजी दिखाते हुए इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाया।

राजस्व विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 95 ग्रामों के धारा-52(1) के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 46 ग्रामों की स्वीकृति दिनांक 9 अप्रैल 2026 को जारी की गई। इन 46  ग्रामों में से जनपद बलिया के ग्राम साहोडीह व शाहपुर 35 वर्षों से, जनपद अयोध्या का ग्राम मेहदौना 33 वर्षो से, जनपद आजमगढ़ का ग्राम करउत 33 वर्ष से, जनपद प्रतापगढ़ का ग्राम गोई 33 वर्ष से 8 जनपद बिजनौर का ग्राम हल्दौर 32 से चकबन्दी प्रक्रियाधीन थे। सघन पर्यवेक्षण के बाद संबिधत जिलाधिकारियों व चकबन्दी विभाग के उप संचालक चकबन्दी, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी व अधीनस्थ स्टाफ द्वारा सम्बंधित ग्रामों की चकबन्दी पूर्ण करायी गयी। उपरोक्त ग्रामों के धारा-52(1) के अन्तर्गत प्रख्यापन में जनपद स्तर के अधिकारियों का प्रयास सराहनीय रहा।

गुरुवार को प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने चकबन्दी प्रक्रियाधीन 30 सर्वाधिक पुराने ग्रामों की समीक्षा की। उन्होंने जिम्मेदारों को चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लम्बे अवधि से लम्बित ग्रामों में अभियान चलाकर इस वित्तीय वर्ष में चकबन्दी प्रक्रिया समाप्त करने का निर्देश दिया। कहा कि संबंधित जनपद के उप संचालक चकबन्दी एवं बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी को निर्देशित किया गया कि सर्वाधिक पुराने ग्रामों में इसी वित्तीय वर्ष में चकबन्दी प्रक्रिया समाप्त कर धारा-52(1) के अन्तर्गत प्रस्ताव उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिक समय से चकबन्दी प्रक्रिया लम्बित रहने से भूमि विवादों में अनावश्यक रूप से वृद्धि होती है और ग्रामों का विकास कार्य बाधित होता है।