रघुवंश कर्पूरी विचार मंच के तत्वावधान में माड़ीपुर में आयोजित हुआ जयंती समारोह

Muzaffarpur (Bihar) : सादगी, स्वच्छ राजनीति, समाजवादी चिंतन और ग्रामीण विकास के पर्याय माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह की 80वीं जयंती पर शनिवार को माड़ीपुर में भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। रघुवंश कर्पूरी विचार मंच, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद आयोजित जयंती सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, समाजवादी मूल्यों, जनसेवा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।

सभा को संबोधित करते हुए स्वर्गीय रघुवंश प्रसाद सिंह के सहायक निजी सचिव रहे साहू भूपाल भारती ने केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और गरीबों के जीवन में बदलाव लाने वाली योजना को प्रभावी स्वरूप देने में रघुवंश बाबू की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत, किसानों, मजदूरों और वंचित तबकों के लिए उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने रघुवंश बाबू के सरल व्यक्तित्व, बेदाग सार्वजनिक जीवन और समाजवादी चिंतन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

बिहार रक्षा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार ठाकुर ने कहा कि रघुवंश बाबू उन विरले नेताओं में थे जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने मांग की कि उनकी जीवनी को विद्यालयों और महाविद्यालयों की पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरणा ले सकें।

सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर पंडित ने कहा कि रघुवंश बाबू केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि थे। उन्होंने सरकार और नगर निगम प्रशासन से मुजफ्फरपुर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की, ताकि उनकी स्मृतियां और विचार आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रो. देवव्रत अकेला ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वर्गीय रघुवंश प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि को ऐतिहासिक स्वरूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक परिवेश में रघुवंश बाबू जैसे ईमानदार, सरल और जनोन्मुखी नेताओं की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में रघुवंश बाबू का योगदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाजवादी विचारधारा, गरीबों के अधिकार और जनहित के मुद्दों के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी समाज और राजनीति को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।

कार्यक्रम का संचालन शिव शंकर पंडित ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। समारोह में डॉ. मजूमदार, विकास कुमार सहनी, जदयू नेता अनवर आजाद, कामेश्वर सिंह, नितेश कुमार सिंह, कमल कुमार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने रघुवंश बाबू के समाजवादी दर्शन, जनसेवा और सादगीपूर्ण जीवन को आज की राजनीति के लिए आदर्श बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जयंती समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह के विचारों, मूल्यों और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को समाज में आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रखा जाएगा।