• मुजफ्फरपुर में आयोजित प्रथम व्याख्यान माला में देशभर से जुटे जॉर्ज समर्थक, तीन प्रस्ताव पारित


मुजफ्फरपुर : समाजवादी आंदोलन के शिखर पुरुष और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस की स्मृति में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में गुरुवार को लिच्छवी फाउंडेशन, मुजफ्फरपुर की ओर से प्रथम व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से जॉर्ज साहब के साथी, समर्थक और बुद्धिजीवी एक मंच पर एकत्र हुए।


मुख्य वक्ता एवं पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस की राजनीति का केंद्र समाज का अंतिम व्यक्ति था। उसकी पीड़ा और उसका दर्द हमेशा उनके जेहन में बना रहता था। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए कहा कि देश के मिसाइल मैन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव सबसे पहले जॉर्ज फर्नांडिस ने ही दिया था। इसकी जानकारी उस समय केवल उन्हें ही थी। डॉ कुमार ने कहा कि जॉर्ज साहब की दूरदृष्टि का ही परिणाम था कि देश को कलाम जैसा राष्ट्रनायक मिला।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं विधायक सरयू राय ने कहा कि जॉर्ज होना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके निधन के वर्षों बाद भी देशभर से समर्थकों का इस तरह जुटना इस बात का प्रमाण है कि जॉर्ज का विचार आज भी जीवित है। उन्होंने आह्वान किया कि जॉर्ज के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष को भी जारी रखना होगा।


जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में होने के कारण उन्हें जॉर्ज साहब के साथ काम करने का अवसर नहीं मिला, लेकिन उनके विचारों से प्रेरित होकर ही उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय लिया। वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त ने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ अपने निजी अनुभव और यादें साझा कीं।


कार्यक्रम संयोजक प्रभात कुमार ने बताया कि मुजफ्फरपुर में पहली बार पूरे देश से जॉर्ज समर्थक इस राष्ट्रीय सेमिनार के माध्यम से एकत्र हुए हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ कौशल किशोर चौधरी ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। मंच संचालन डॉ पंकज कर्ण ने किया। इस अवसर पर जॉर्ज साहब की स्मृति में प्रकाशित एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया।


सेमिनार में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। पहला, मुजफ्फरपुर में जॉर्ज स्मृति सभागार का निर्माण किया जाए। दूसरा, कांटी थर्मल पावर स्टेशन का नामकरण जॉर्ज फर्नांडिस के नाम पर किया जाए। तीसरा, जॉर्ज फर्नांडिस को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग केंद्र सरकार से की गई। कार्यक्रम के आरंभ में दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हाल के अग्निकांड में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।


सेमिनार को हिंद मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओंकार सिंह, प्रदेश अध्यक्ष राजू चंद्रवंशी, प्रोफेसर डॉ अरुण कुमार, पश्चिम बंगाल जदयू नेता अशोक दास, मुंबई से गोरखनाथ मौर्य, नागपुर से अनिल चौहान एवं शब्बीरुल हसन, भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंद्र प्रसाद सिंह, जदयू नेता मदन राय, प्रभात कुमार चुन्नू, पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह और डॉ अनिल पासवान धवन सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।


कार्यक्रम में बेंगलुरु से जितेंद्र सिंह, दिल्ली से जितेंद्र कुमार मंडल, शशि कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, संजय ठाकुर, सच्चिदानंद, बृजेश शर्मा, शमशाद अली कमर, प्रोफेसर गुलशन कुमार, सबल कुमार, प्रोफेसर संजय कुमार, डॉ सुशांत कुमार, दृष्टि के निदेशक राजीव रंजन, पत्रकार संतोष सारंग, डॉ अविनाश कुमार, मोहन सिंह, हेमंत कुमार, अरुण पटेल, रामबाबू कुशवाहा, सौरभ साहेब सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।