- आईसीयू समेत कई हिस्से धुएं और लपटों की चपेट में आए, कई मरीज झुलसे। दमकल और प्रशासन की टीमों ने खिड़कियां तोड़कर दर्जनों मरीजों को बाहर निकाला
मुजफ्फरपुर : रात की खामोशी उस समय दहशत में बदल गई, जब शहर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में तड़के अचानक भीषण आग लग गई। सुबह करीब तीन बजे हुए इस हादसे ने अस्पताल परिसर को चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में अस्पताल का आईसीयू वार्ड इसकी चपेट में आ गया। धुएं और आग के बीच फंसे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती तीन दर्जन से अधिक मरीज किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं। कई मरीज झुलस गए हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक मरीजों की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक मृतकों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। देखते ही देखते अस्पताल परिसर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियों को आग पर काबू पाने और राहत कार्य में लगाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका।
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पाण्डेय ने बताया कि विभाग को तड़के करीब तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी। जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, तब अस्पताल का आईसीयू वार्ड घने काले धुएं से पूरी तरह भर चुका था। मरीजों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। राहत टीमों ने समय गंवाए बिना अस्पताल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फंसे हुए मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया।
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित निकालकर तत्काल दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से प्रभावित कुछ मरीजों को श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
घटना के कारणों का अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट या विद्युत प्रणाली में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन संसाधनों तथा आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पूरा शहर घायलों के जल्द स्वस्थ होने और प्रभावित परिवारों की कुशलता की प्रार्थना कर रहा है।
