पुरुष फैकेल्टी की वजह से हॉस्टल में रह रहीं बेटियों की निजता खतरे में पड़, पूरे मामले को लेकर देर रात तक चला MMMUT प्रशासन के साथ जिला और पुलिस प्रशासन का मंथन
निखिल पाण्डेय
गोरखपुर MMMUT में भारी बवाल की खबर के पीछे की कलई अब धीरे-धीरे खुलने लगी है। इसकी एक बड़ी वजह यह सामने आ रही है कि गोरखपुर में आयोजित किसी सरकारी कार्यक्रम में भीड़ का हिस्सा बनाने के लिए MMMUT की छात्राओं पर जबरिया दबाव बनाया गया। छात्राओं को धमकी दी गई कि यदि कार्यक्रम में नहीं जाएंगी तो उनका परीक्षा, परिणाम और प्लेसमेंट सब प्रभावित कर दिया जाएगा।
अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार MMMUT में स्टूडेंटस पढ़ने के लिए आते हैं कि किसी सरकारी कार्यकम में भीड़ का हिस्सा बनने के लिए…?, सवाल यह भी उठता है कि अखिर किसके आदेश पर गर्ल्स हॉस्टल में यह सब नंगा नाच हुआ…?, कौन था वह सख्स, जिसने छात्राओं की निजता और मर्यादा का ख्याल तक नहीं किया…?, क्या यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में नहीं आता है…?, नंगा नाच इसलिए कि वहां जो हुआ, जो बातें छन कर सामने आ रहीं हैं, उसे नंगा नाच नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे…?,
कहा जाता है कि जिसके ऊपर बीतता है, वहीं उसका दर्द जानता है। MMMUT प्रशासन ने तो भरसक पूरी कोशिश की कि बात बाहर न जाए। जैसे ही स्टूडेंस के हंगामें की खबर बाहर आई, मीडिया वहां पहुंच गई। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने मुख्य गेट बंद करवा दिया और किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन कॉलेज प्रशासन की पाबंदी के बावजूद वो सब कुछ बाहर आ गया जो कॉलेज प्रशासन छिपाना चाहता था।
जो बात बाहर आई वो बेहद शर्मनाक है। गर्ल्स हास्टल की छात्राओं के जो बयान बाहर आ रहे हैं वो हैरान करने वाले हैं। जो भी सूनेगा उसका खून खौल उठेगा और यही हुआ MMMUT में। गर्ल्स हास्टल की छात्राओं ने अपनी निजता और सम्मान के साथ-साथ सुरक्षा का मसला उठाते हुए अपनी आवज बुलंद करना शुरू कर दिया। तब परत दर परत कॉलेज प्रशासन की दबंगई की कलई खुलने लगी।
गर्ल्स हास्टल की छात्राएं चिल्ला-चिल्ला कर यह कह रहीं हैं कि जिस गर्ल्स हास्टल में उनके पैरेंट्स को आने की इजाजत नहीं है, वहां कॉलेज प्रशासन का पुरुष फैकेल्टी कैसे घूस गया। छात्राओं का जो बयान वायरल हो रहा है उसमें साफ-साफ कहा जा रहा है कि पुरुष फैकेल्टी हास्टल में घूस कर कमरों का दरवाजा पीटने लगे। जबरिया लड़कियों के कक्ष में घूस गए। बाथरूम तक का दरवाजा जोर-जोर से पीटा गया। उस समय कुछ लड़किया बाथरूम में नहा रहीं थीं, तो कुछ कमरों में जैसे-तैसे सो रहीं थीं, तो कुछ कपड़े बदल रहीं थीं। यानी पूरी तरह से नंगा नाच का दृश्य सामने आ गया। छात्राओं की वायरल वीडियो के मुताबिक पुरुष फैकेल्टी के साथ-साथ गार्डस भी प्रवेश कर गए थे और वे सब भी दरवाजे पीट रहे थे।
बहरलहाल MMMUT गर्ल्स हास्टल की छात्राएं अपनी निजता और सम्मान के साथ-साथ सुरक्षा का मसला उठाते हुए पुरुष फैकेल्टी और उन गार्डस के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़ी हैं।
खबर मिली है कि गर्ल्स हास्टल की छात्राओं ने अपने-अपने पैरेंट्स को खबर भेज कर बुला लिया है। अगले दिन क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन जब इस पूरे मामले को लेकर MMMUT के प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो मोबाइल फोन बंद मिले। पीआरओ से जब MMMUT का पक्ष जानने के लिए सवाल किया तो कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
एक खबर यह भी सामने आई कि इस पूरे मामले को लेकर MMMUT प्रशासन के साथ जिला और पुलिस प्रशासन का मंथन देर रात तक चला, लेकिन नतीजा सामने नहीं आया।
लेकिन एक बात पर ध्यान देने की जरुरत है, वह यह कि जिस देश में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” लाने की बात हो रही हो। जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री बेटियों की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्हीं के शहर गोरखपुर में स्थापित मदन मोहन मालवीय इंजिनियरिंग कॉलेज जिसे हम सब MMMUT के नाम से भी जानते हैं। वहां हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाली बेटियों को न्याय मिलेगा…?। क्या जिन पुरुष फैकेल्टी की वजह से हॉस्टल में रह रहीं बेटियों की निजता खतरे में पड़ी, उन सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी…?।
