प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण सौंपा, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और क्वाड सहयोग समेत कई वैश्विक मुद्दों पर हुई अहम चर्चा
सेंट्रल डोस्क, नई दिल्ली
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। चार दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे रुबियो ने अपने पहले आधिकारिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उन्हें भविष्य में व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दोनों देश रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं। बैठक के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, रणनीतिक तकनीक, व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया।
सूत्रों के अनुसार रुबियो ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अन्य वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका का दृष्टिकोण भी साझा किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे महत्वपूर्ण रास्ता बताया। उन्होंने शांति प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपनी शुभकामनाएं भी भेजीं।
रुबियो का यह दौरा उस समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई दे रहा है। खासकर फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात ने तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित किया है। इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में रुबियो ने भारत को अमेरिका का “महान साझेदार” बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नई दिल्ली में होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। कूटनीतिक दृष्टि से इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा उनके आगरा और जयपुर दौरे का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
भारत आने से पहले रुबियो ने कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय मदर हाउस का दौरा किया। वहां उन्होंने मदर टेरेसा से जुड़े स्थलों को देखा और मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सिस्टर्स से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने निर्मला शिशु भवन का भी दौरा किया। कोलकाता प्रवास के दौरान रुबियो ने विक्टोरिया मेमोरियल का भ्रमण भी किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड बैठक, वैश्विक तनाव और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच रुबियो की यह भारत यात्रा आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
