• राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर, बारिश और धूलभरी हवाओं से तापमान में गिरावट


नई दिल्ली : देशभर की निगाहें इस समय मानसून पर टिकी हैं और मौसम विभाग के ताजा संकेत राहत भरी खबर लेकर आए हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब केरल की दहलीज तक पहुंच चुका है और जल्द इसके औपचारिक प्रवेश की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है तो कहीं आंधी और बरसात ने तापमान को नीचे ला दिया है।


भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केरल में दस्तक दे सकता है, जिसके बाद देश के अन्य हिस्सों में भी इसकी प्रगति तेज होने की संभावना है।


केरल में मानसून के आगमन को देखते हुए कई जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अलप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम सहित कई जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पत्तनमथिट्टा और कोझीकोड में भी अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि कुछ स्थानों पर कम समय में 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।


मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इसी अवधि के दौरान बंगाल की खाड़ी के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून का विस्तार होगा। इससे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय होने लगेंगी। हालांकि विशेषज्ञों ने इस वर्ष वर्षा की मात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। एल-नीनो की संभावित स्थिति के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका भी व्यक्त की जा रही है, जिसका असर कृषि और जल संसाधनों पर पड़ सकता है।


उधर, बिहार में पिछले कुछ दिनों के दौरान मौसम में आए बदलाव ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। हाल के दिनों में चली तेज आंधी और बारिश ने गर्मी का असर कम किया, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली। आने वाले दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है और लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।


राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से लगातार तीसरे दिन कई जिलों में बारिश और तेज धूलभरी हवाओं का दौर जारी रहा। जोधपुर, कोटा, अजमेर, पाली, नागौर, अलवर, सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।


देशभर में बदलते मौसम के बीच अब लोगों को मानसून के औपचारिक आगमन का इंतजार है। किसानों से लेकर आम नागरिकों तक सभी की उम्मीदें मानसून पर टिकी हैं, क्योंकि यही बारिश आने वाले महीनों में कृषि, जल भंडारण और मौसम की दिशा तय करेगी।