केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत और अभेद्य बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के निर्देश दिए। बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, नारकोटिक्स तस्करी, आतंकी फंडिंग और साइबर अपराध जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सीमा से जुड़े जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। समीक्षा के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीमा प्रबंधन केवल सुरक्षा एजेंसियों का दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय नागरिकों और प्रशासन की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
अमित शाह ने निर्देश दिया कि हर सीमावर्ती जिले के लिए 360 डिग्री सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाए, ताकि सीमा से जुड़े हर प्रकार के खतरे पर एक साथ निगरानी रखी जा सके। इस सुरक्षा ढांचे में सीमा सुरक्षा बल, राज्य पुलिस, प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की बात कही गई। गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे निर्माणों को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा से समझौता करने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए। बैठक में सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बीच संयुक्त रणनीति पर भी चर्चा हुई। अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी, अतिक्रमण, आतंकी फंडिंग और सीमा पार अपराधों को रोकने के लिए सभी एजेंसियों को एकजुट होकर काम करना होगा।
गृह मंत्री ने जिला मजिस्ट्रेटों की जिम्मेदारियां बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बैंकों के कानूनी और वित्तीय अनुपालन की नियमित निगरानी करें। बड़े कारोबारी प्रतिष्ठानों की जांच, उनके फंडिंग स्रोतों की पड़ताल, म्यूल अकाउंट और फर्जी कंपनियों पर नजर रखने तथा फर्जी आधार कार्डों की पहचान सुनिश्चित करने को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए अमित शाह ने ‘1930’ हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही तीन नए आपराधिक कानूनों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई ताकि कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के सफल क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा हुई। इसके तहत सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। अंत में यह दोहराया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
