निपुण लक्ष्य हासिल करने पर जोर, कक्षा शिक्षण को रुचिकर बनाने और बच्चों के बुनियादी कौशल विकसित करने पर दिया गया विशेष बल

गणेश धर द्विवेदी

संकुल केंद्र सीएस मुजहाना उर्फ भटपुरवा में आयोजित संकुल बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एआरपी वशिष्ठ नारायण चौहान ने संकुल शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार लाने और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान एआरपी वशिष्ठ नारायण चौहान ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए शिक्षण कार्य को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए गतिविधि आधारित, रुचिकर और प्रभावशाली बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाषा और गणित में बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को विकसित करने के लिए नियमित अभ्यास कराया जाए तथा उनके सीखने के स्तर का निरंतर आकलन किया जाए, ताकि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त सहयोग दिया जा सके।

उन्होंने प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने तथा निर्धारित शैक्षिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की। साथ ही विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षकों को आपसी समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में विद्यालयों की शैक्षिक प्रगति की समीक्षा, बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार और निर्धारित निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने और प्रत्येक बच्चे को सीखने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर शैलेंद्र नाथ चौबे, रामा सिंह, जयप्रकाश यादव, लालकृष्ण सिंह, शशि भूषण सिंह, रमाकांत यादव, विमला यादव, हृदय आनंद यादव, महिपाल यादव, कमलेश राय, शुभ नारायण यादव, रीना भारती, प्रियंका देवी सहित अन्य संकुल शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य शिक्षकों के बीच समन्वय बढ़ाकर विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और प्रत्येक विद्यार्थी को निपुण बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करना रहा।