दक्षिण भारत में प्री मानसून बारिश तेज होने के संकेत, कई राज्यों में मौसम तेजी से बदलने का अनुमान

सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू के बीच मौसम विभाग ने करोड़ों लोगों को राहत देने वाली खबर दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस साल दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य समय से पहले केरल पहुंच सकता है। अनुमान है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून की एंट्री 1 जून के आसपास मानी जाती है, लेकिन इस बार मौसम की परिस्थितियां जल्दी आगमन की ओर इशारा कर रही हैं।

हालांकि मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून की संभावित तारीख में कुछ दिनों का अंतर हो सकता है। विभाग के मुताबिक चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना हमेशा बनी रहती है। इसके बावजूद शुरुआती संकेत यह बता रहे हैं कि इस बार लोगों को गर्मी से राहत अपेक्षाकृत जल्दी मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 15 मई से 28 मई के बीच दक्षिण भारत के पश्चिमी तटीय इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। केरल, कर्नाटक, गोवा और आसपास के क्षेत्रों में प्री मानसून गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं। ऐसे में इन इलाकों में मौसम सुहावना होने की संभावना है। गर्मी से परेशान उत्तर भारत के लोगों के लिए भी यह राहत भरी खबर मानी जा रही है।

मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि इस साल एल नीनो का प्रभाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार एल नीनो की स्थिति बनने पर कई बार देश के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम होती है और तापमान ज्यादा बना रहता है। अनुमान है कि वर्ष 2026 में देश के कई क्षेत्रों में औसत से कम वर्षा दर्ज की जा सकती है। हालांकि पूर्वोत्तर भारत, उत्तर पश्चिम भारत और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इधर, प्री मानसून गतिविधियों ने देश के कई हिस्सों में असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 15 मई को देश के 21 से अधिक राज्यों में मौसम बदलने और कई जगहों पर तेज बारिश की चेतावनी जारी की थी। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश भी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय बना हुआ है, जिसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है।

मौसम विभाग देश को अलग अलग मौसम क्षेत्रों में बांटकर पूर्वानुमान जारी करता है। उत्तर पश्चिम भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान जैसे राज्य शामिल किए जाते हैं। वहीं बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मध्य और पूर्वी भारत के दायरे में रखा जाता है। दक्षिण और पश्चिम भारत के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र आते हैं। जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में असम, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा को शामिल किया जाता है।

भीषण गर्मी के बीच मानसून के जल्दी आने की संभावना ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब सभी की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर टिकी हुई है कि आखिर कब बादलों की पहली बारिश तपती धरती को राहत देगी।