गणेश धर द्विवेदी
सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरिया खास स्थित काली मंदिर में उस समय सनसनी फैल गई, जब मंदिर में स्थापित काली मां की प्रतिमा में लगी चांदी की आंख चोरी हो गई। चोरी की घटना के करीब एक सप्ताह बाद वही आंख रहस्यमय ढंग से दोबारा 3 दिन पहले मंदिर में मिली।
मंदिर का देखरेख करने वाले पूर्व सभासद चंद्रशेखर गुप्ता ने बताया कि चोर मंदिर से माता रानी की चांदी की आंख निकालकर ले गए थे। घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी के साथ-साथ तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, करीब एक सप्ताह बाद चांदी की आंख तीन दिन पहले किसी ने वापस लाकर उसी स्थान पर रख दिया था।
आंख के दोबारा मंदिर में पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि माता रानी के प्रकोप के डर से चोर चोरी की गई वस्तु वापस मंदिर में रख गए है। बड़ी संख्या में लोग इसे माता रानी की शक्ति और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं।
वहीं, घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी के बाद आंख का वापस मिलना अपने आप में रहस्यमय है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आंख किसने और किन परिस्थितियों में वापस रखी। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
घटना के बाद मंदिर में वापस आंख मिलना माता रानी की कृपा मानकर दर्शन कर रहे हैं।

