• कठिन प्रश्नपत्र और कड़ी जांच व्यवस्था के बीच 26 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा


मुजफ्फरपुर : बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा आयोजित डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (डीसीईसीई-पीई 2026) शनिवार को जिले के 26 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा में 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच को लेकर इतनी सख्ती रही कि कई परीक्षार्थियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। कहीं फुल बाजू की शर्ट और कुर्ती की बाजू कटवाई गई तो कहीं जूता, मोजा और बेल्ट उतरवाने के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला।


परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। थ्री स्टेप तलाशी व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों की कई स्तर पर जांच की गई। कई केंद्रों पर फुल बाजू की शर्ट पहनकर पहुंचे छात्रों को बाजू कटवाने के लिए कहा गया। कुछ छात्रों ने बाजू कटवाने के बजाय शर्ट ही उतार दी और गंजी पहनकर परीक्षा दी। महिला परीक्षार्थियों को भी कम परेशानी नहीं हुई। फुल बाजू की समीज और कुर्ती पहनकर पहुंची कई छात्राओं को केंद्र के बाहर ही कैंची से बाजू कटवाने पड़े। अचानक ऐसी व्यवस्था होने से कुछ समय के लिए केंद्रों के बाहर अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।


परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक एक पाली में आयोजित की गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अधिकांश परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र को अपेक्षा से अधिक कठिन बताया। खासकर भौतिकी और गणित के प्रश्नों ने छात्रों को काफी उलझाया। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नों का स्तर उम्मीद से अधिक कठिन था और लंबे गणना वाले सवालों के कारण समय प्रबंधन करना मुश्किल हो गया।


कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि भौतिकी के कई सवाल इतने उलझाने वाले थे कि एक प्रश्न हल करने में काफी समय लग रहा था। वहीं गणित के प्रश्नों में लंबी गणना के कारण पूरा पेपर समय पर खत्म करना चुनौती बन गया। निगेटिव मार्किंग के डर से भी कई छात्रों ने कुछ सवाल छोड़ दिए।


परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए इस बार तकनीकी निगरानी भी बेहद सख्त रखी गई थी। परीक्षा केंद्रों पर बाथरूम से लेकर परीक्षा कक्ष तक जैमर लगाए गए थे। सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए लगातार निगरानी की जा रही थी। जिला प्रशासन की ओर से स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, प्रेक्षक, गश्ती दल और उड़नदस्ता दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।


परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर छात्र और अभिभावक प्रश्नपत्र के कठिन स्तर को लेकर चर्चा करते नजर आए। वहीं 24 मई को होने वाली डीसीईसीई पीएम और पीएमएम 2026 परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेगी।