ओम प्रकाश राजभर ने कहा, पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला
स्टेट ब्यूरो, लखनऊ
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर उत्तर प्रदेश के गांवों में आयोजित चौपालों लोकतंत्र के गूंज की झलक दिखी। विकास के नए संकल्प और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की असली ताकत गांवों में ही निहित है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं पंचायतों में व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण विकास, जनभागीदारी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।
प्रदेश की ग्राम पंचायतों में आज विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया, जिनमें ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्थानीय विकास योजनाओं, जनसमस्याओं के समाधान तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। इन ग्राम सभाओं के माध्यम से पंचायत स्तर पर सहभागितापूर्ण एवं जवाबदेह शासन की भावना को और अधिक सशक्त किया गया।
जनपद स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सहायकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में आयोजित इन कार्यक्रमों के अंतर्गत पंचायत उन्नति सूचकांक (च्।प्) के तहत प्रगति की समीक्षा, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, महिला सशक्तिकरण तथा स्वच्छता एवं अन्य विकास कार्यों में जनसहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का अवसर है। पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और प्रदेश सरकार इनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक पंचायत पारदर्शी, जवाबदेह एवं आत्मनिर्भर बनकर विकास की धारा को गांव-गांव तक पहुंचाए। पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदेश की पंचायतों को सशक्त बनाकर समग्र ग्रामीण विकास के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सतत प्रयासरत है।