प्रशिक्षण, ईईजेड निगरानी और संयुक्त सैन्य सहयोग को और मजबूत करने की तैयारी
नई दिल्ली : हिंद महासागर में बदलते सामरिक परिदृश्य के बीच भारत अपने भरोसेमंद समुद्री साझेदार मॉरीशस के साथ रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन सोमवार को चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मॉरीशस पहुंचे हैं। आज से 13 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में समुद्री सुरक्षा से लेकर रक्षा सहयोग और क्षमता निर्माण तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। नौसेना प्रमुख बनने के बाद एडमिरल स्वामीनाथन की यह मॉरीशस यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और समुद्री साझेदारी को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, क्षमता निर्माण और सैन्य सहयोग से जुड़े साझा हितों के मुद्दे प्रमुखता से उठेंगे। दोनों पक्ष हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और परिचालन स्तर पर आपसी तालमेल को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार करेंगे।
भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। हिंद महासागर में मॉरीशस की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग का विशेष महत्व है। भारतीय नौसेना मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ नियमित रूप से संपर्क और सहयोग करती रही है। इसमें प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी ईईजेड निगरानी, बंदरगाह भ्रमण और जल सर्वेक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
दोनों देशों का सहयोग केवल द्विपक्षीय गतिविधियों तक सीमित नहीं है। भारत और मॉरीशस विभिन्न बहुपक्षीय समुद्री मंचों और सहयोगात्मक पहलों में भी एक-दूसरे के साथ सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं। मॉरीशस हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी, मिलन, अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा, गोवा समुद्री सम्मेलन, आईओएस सागर और ऐकेईएमई अभ्यास जैसी भारतीय नौसेना की प्रमुख पहलों में नियमित रूप से हिस्सा लेता रहा है।
यह भागीदारी भारत के ‘महासागर’ विजन की भावना को भी आगे बढ़ाती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति को प्रोत्साहित करना है। इसके जरिए भारत हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है।
नौसेना प्रमुख बनने के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को भी रेखांकित करती है। भारत और मॉरीशस के संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और साझा समुद्री हितों पर आधारित रहे हैं। माना जा रहा है कि चार दिवसीय यात्रा से न केवल दोनों देशों के नौसैनिक और रक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए रणनीतिक तालमेल भी और मजबूत होगा।
