मदर्स डे पर दुनिया भर में मां के प्रेम और त्याग को किया जा रहा याद, मां के प्रेम और ममता की भावना हर जगह एक जैसी रहती है

एनके मिश्रा, नई दिल्ली

दुनिया भर में आज मदर्स डे मनाया जा रहा है। 100 से अधिक देशों में लोग अपनी मां के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर घरों तक हर जगह मां के त्याग और ममता की चर्चा है। लेकिन सच यही है कि मां के लिए कोई एक दिन काफी नहीं हो सकता, क्योंकि उसका पूरा जीवन ही अपने परिवार और बच्चों के नाम समर्पित होता है।

जब दुनिया गहरी नींद में होती है, तब एक मां अपने दिन की शुरुआत कर चुकी होती है। बिना किसी अलार्म और बिना किसी आदेश के वह सबसे पहले घर और परिवार की जिम्मेदारियों में जुट जाती है। उसके दिन की शुरुआत दूसरों की जरूरतों से होती है और रात भी बच्चों और परिवार की चिंता के साथ खत्म होती है। यही वजह है कि मां को केवल एक रिश्ते के रूप में नहीं, बल्कि पूरे संसार के रूप में देखा जाता है।

घर में छुट्टी का दिन जहां बाकी लोगों के लिए आराम और मनोरंजन का अवसर होता है, वहीं मां के लिए वही दिन सबसे ज्यादा व्यस्तता लेकर आता है। त्योहार हो, रविवार हो या कोई विशेष अवसर, उसकी सबसे बड़ी कोशिश यही रहती है कि परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे। वह अपने हिस्से की थकान और परेशानियों को पीछे छोड़कर सबकी खुशियों को प्राथमिकता देती है।

मां का जीवन शायद दुनिया की एकमात्र ऐसी जिम्मेदारी है, जिसमें न वेतन होता है, न अवकाश और न ही कोई निर्धारित समय। बीमारी और कमजोरी में भी वह खुद से पहले अपने बच्चों की चिंता करती है। बच्चों की पढ़ाई, भोजन, दवा और भविष्य की फिक्र उसके जीवन का स्थायी हिस्सा बन जाती है। यही निस्वार्थ भाव मां को सबसे अलग बनाता है।

मदर्स डे की शुरुआत वर्ष 1908 में अमेरिका से हुई थी। ऐना जार्विस नामक महिला ने अपनी मां की स्मृति में इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। बाद में 1914 में अमेरिका ने इसे आधिकारिक मान्यता दी और मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे के रूप में मनाने की घोषणा की गई। धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों तक पहुंच गई और आज भारत सहित अनेक देशों में यह दिन श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।

हर भाषा में मां को अलग नाम से पुकारा जाता है। कहीं मां, कहीं अम्मा, कहीं आई, कहीं बा और कहीं अम्मी। शब्द बदल जाते हैं, लेकिन ममता की भावना हर जगह एक जैसी रहती है। मां ही वह पहली शिक्षक होती है, जो जीवन का पहला पाठ सिखाती है। वही पहली सुरक्षा होती है और वही पहली प्रेरणा भी।

मदर्स डे केवल उपहार देने या शुभकामनाएं भेजने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उस त्याग और प्रेम को महसूस करने का दिन है, जिसे एक मां बिना किसी अपेक्षा के पूरी जिंदगी निभाती रहती है।