मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, सरकारी स्कूल इतने बेहतर बनेंगे कि मंत्री और अधिकारी भी बच्चों का दाखिला वहां कराना चाहेंगे
स्टेट डेस्क, बिहार
बिहार को शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई बड़े संकेत दिए हैं। पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित बिहार एआई समिट-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधारभूत संरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर बनाना है कि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी अपने बच्चों को वहां पढ़ाने के लिए उत्सुक हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा पटना में 10 और नगर निगम वाले जिलों में पांच-पांच मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने से 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। राज्य सरकार प्रत्येक जिले में भी मॉडल स्कूलों के विस्तार पर काम कर रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की मदद से छात्रों को मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शुरुआती तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भविष्य में बिहार में भौतिकी, गणित, रसायनशास्त्र और आर्किटेक्चर जैसे विषयों के विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए दौर की जरूरतों के अनुसार तैयार करना चाहती है।
एआई समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार के लिए नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति लाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार को देश के प्रमुख एआई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आई डिजिटल और संचार क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में एआई विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से भी राज्य के विकास में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करने और निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस योजना और मरीन ड्राइव विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में गंगा नदी के किनारे लगभग 125 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। मरीन ड्राइव के विस्तार और इस परियोजना पर लगभग 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात भी उन्होंने कही। यह योजना पीपीपी मॉडल के तहत संचालित की जाएगी।
