दो हजार रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई कारोबारी भुगतान पर नया एमडीआर ढांचा, ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
नई दिल्ली : सितंबर खत्म होने के साथ ही एक अक्टूबर से रोजमर्रा की जिंदगी और पैसों से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं। बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, एलपीजी, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), प्रॉपर्टी खरीद और रेल यात्रा से जुड़े इन बदलावों का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ेगा। कुछ नियमों में राहत मिलेगी तो कुछ मामलों में ग्राहकों को नई शर्तों का ध्यान रखना होगा।
यूपीआई भुगतान में दो हजार रुपये से अधिक के कुछ खास कारोबारी लेनदेन के लिए नया एमडीआर ढांचा लागू होगा। हालांकि इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा और उनसे कोई एमडीआर नहीं लिया जाएगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले यूपीआई भुगतान भी पहले की तरह मुफ्त रहेंगे।
करदाताओं को समय सीमा में राहत दी गई है। आकलन वर्ष 2026-27 में टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले करदाताओं के लिए ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दी गई है। वहीं, आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर की गई है।
घरेलू एलपीजी ग्राहकों के लिए भी एक अक्टूबर से नया नियम लागू होगा। सब्सिडी के साथ निर्धारित खुदरा मूल्य पर सिलेंडर बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले ग्राहक भी सिलेंडर ले सकेंगे, लेकिन उन्हें तेल विपणन कंपनियों के नियमों के अनुसार बिना सब्सिडी वाला बाजार मूल्य चुकाना पड़ सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक के सैलरी पैकेज खाताधारकों को दूसरे बैंकों के एटीएम पर मिलने वाले मुफ्त मासिक लेनदेन की संख्या 10 से घटाकर पांच की जाएगी। इसमें पैसे निकालने के साथ अन्य लेनदेन भी शामिल होंगे। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खातों में महीने में चार बार नकद निकासी मुफ्त रहेगी। इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और जीएसटी लगेगा।
प्रॉपर्टी खरीदने वालों को एक नियम में राहत मिलेगी। अनिवासी विक्रेता से संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार को लागू टीडीएस नियमों के पालन के लिए अलग से टैन लेने की जरूरत नहीं होगी। वे पैन के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
एनपीएस के ‘पॉइंट ऑफ प्रेजेंस’ शुल्क ढांचे में भी बदलाव होगा। इसमें प्रत्येक स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या यानी प्रान पर एक बार 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क शामिल है। वहीं, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को थोक जमा की लागू ब्याज दरें प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करनी होंगी।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पांच से सात अक्टूबर तक होगी। नीतिगत फैसला सात अक्टूबर को सामने आएगा। पिछली समीक्षा में रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई थी।
रेल यात्रियों को भी अक्टूबर में पहचान पत्र को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। सेंट्रल रेलवे एक से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाएगा। अभियान में ‘एक टिकट, एक मूल पहचान पत्र’ पर जोर रहेगा। यानी यात्रा के दौरान केवल टिकट रखना पर्याप्त नहीं होगा, यात्री को अपना मूल पहचान पत्र भी साथ रखना होगा।
