गुजरात एटीएस, भारतीय तटरक्षक बल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त अभियान में ईरानी नाव को पकड़ा

नई दिल्ली : समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लगातार 16 दिनों तक चले संयुक्त अभियान में गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस), भारतीय तटरक्षक बल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में एक ईरानी नाव को पकड़ा। नाव से 526 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और हेरोइन जब्त की गई। इस मामले में पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार युवाओं को ड्रग्स की बुराई से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता बताया।

पकड़ी गई नाव लक्षद्वीप से करीब 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में थी। अभियान 14 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चला। कार्रवाई के दौरान नशीले पदार्थों के साथ ईरानी नाव को भी जब्त कर लिया गया।

अब सुरक्षा एजेंसियां इस बड़ी खेप के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही हैं। जांच की जा रही है कि नशीले पदार्थ कहां से भेजे गए थे और इन्हें आगे किसे सौंपा जाना था।

संभावित प्राप्तकर्ताओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।

अमित शाह ने कहा कि 16 दिनों तक चला यह अभियान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग का उदाहरण है। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई यह कार्रवाई समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में एजेंसियों के आपसी समन्वय की मजबूती को भी दर्शाती है।

सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए ड्रग कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 जारी किया है। इसमें कानून लागू करने वाली व्यवस्था को मजबूत करने, ड्रग नेटवर्क को तोड़ने और युवाओं व समाज को नशीले पदार्थों से बचाने की व्यापक रूपरेखा दी गई है।