देश में चीतों की कुल आबादी 60 पहुंची, इनमें 41 भारतीय मूल के चीते शामिल। भूपेंद्र यादव बोले-भारत में चीतों की अगली पीढ़ी के उद्भव में महत्वपूर्ण मील का पत्थर
नई दिल्ली। भारत में चीता पुनर्वास की कहानी में सोमवार को पांच नई किलकारियां जुड़ गईं। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी 32 महीने की मादा चीता केजेपी21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं। प्रोजेक्ट चीता के लिए इसे एक और ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुखी और केजीपी12 के बाद केजेपी21 भारत में जन्मी तीसरी मादा चीता है, जिसने शावकों को जन्म दिया है। उन्होंने इसे भारत में चीतों की अगली पीढ़ी के उद्भव की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
पांच शावकों का जन्म भारत में बोत्सवाना वंश की शुरुआत का भी प्रतीक है, क्योंकि उनके पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं। यादव के अनुसार, इससे भारत में चीतों की बढ़ती आबादी में एक नई आनुवंशिक वंशावली जुड़ गई है।
केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि को भारतीय धरती पर पैदा हुए चीतों की एक और पीढ़ी बताते हुए कहा कि इससे भारत में चीता पुनर्वास की कहानी में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
भूपेंद्र यादव ने पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, प्रबंधकों और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी है।
