मायके पक्ष ने पति, सास और देवर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा जहर देकर हत्या करने का लगाया आरोप


बिजनौर : हाथों की मेहंदी का रंग अभी पूरी तरह फीका भी नहीं पड़ा था और नई जिंदगी के सपने अभी आकार ही ले रहे थे कि एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। शादी के महज दो महीने बाद 22 वर्षीय सोनम की मौत की खबर जैसे ही उसके मायके पहुंची, वहां चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगाया है।


मामला जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। मृतका की पहचान सोनम पत्नी टीकाराम सिंह के रूप में हुई है। सोनम का विवाह 30 अप्रैल 2026 को अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुरी निवासी टीकाराम के साथ हुआ था। विवाह को अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।


घटना की सूचना मिलने के बाद मृतका के परिजन चांदपुर पहुंच गए। परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही सोनम को दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 जून को ससुराल पक्ष के लोगों ने सोनम को जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या कर दी।


मृतका की मां ने पति, सास और देवर को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी बेटी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की है।


सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


थाना प्रभारी राहुल सिंह ने बताया कि विवाहिता की मौत की सूचना पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।


विवाहिता की असमय मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।