मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में 613 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया
सहारनपुर (उत्तरप्रदेश) : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर को 613 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि विकास की सोच रखने वाली सरकार ही प्रदेश और समाज को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोगों की राजनीति केवल अपने हितों तक सीमित थी। ऐसे लोगों को न गांवों की चिंता थी और न ही सहारनपुर जैसे क्षेत्रों के समग्र विकास की। अब डबल इंजन की सरकार पूरे प्रदेश को समान रूप से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।
विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार में विकास का संकल्प और जनसेवा का भाव होता है, तब उसका परिणाम मजबूत बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के रूप में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आज सहारनपुर तेज गति से विकास की ओर बढ़ रहा है और प्रदेश की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों की पहचान से बाहर निकल चुका है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को जाति और तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए बांटा जाता था, जबकि अब सरकार सभी के विकास और सुरक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कांवड़ यात्रा का भी विरोध किया जाता था।
उन्होंने कहा कि मजबूत सांस्कृतिक विरासत ही विकसित भारत की आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सहारनपुर आए थे और दिल्ली से देहरादून तक बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास को नई गति देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और राजमार्गों के कारण अब सहारनपुर से दिल्ली की यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो गई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उनकी सरकार ने वर्षों से लंबित कई परियोजनाओं को पूरा कराया है। सड़क और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के साथ अब सहारनपुर को हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले यहां के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दिल्ली या देहरादून जाना पड़ता था, लेकिन अब सहारनपुर से ही उड़ानें शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण की आधारशिला आज रखी गई है। इसके साथ ही शहर में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने और सीवरेज व ड्रेनेज के पानी को नालों में जाने से रोकने के लिए आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की भी आधारशिला रखी गई है।
उन्होंने सहारनपुर के पारंपरिक काष्ठ उद्योग की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के कारीगरों और शिल्पकारों ने अपनी कला और परंपरा को जीवित रखा है। आज सहारनपुर से 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वुड कार्विंग उत्पाद विदेशों में निर्यात किए जा रहे हैं, जो स्थानीय उद्योग और रोजगार के लिए बड़ी उपलब्धि है।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था। उन्होंने कैराना और कांधला से पलायन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुरादाबाद दंगे के आरोपियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी, जबकि उनकी सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि अब सहारनपुर में दंगे नहीं होते, बल्कि मां शाकंभरी धाम के भव्य कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल में मां शाकंभरी धाम क्षेत्र में वर्षा के पानी की समस्या सामने आने के बाद उन्होंने स्वयं अधिकारियों को मौके पर आवश्यक विकास कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी मौसम में श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी और हर मौसम में दर्शन सुगमता से हो सकेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले विकास कार्यों के लिए आने वाली सरकारी धनराशि का सही उपयोग नहीं होता था। उनकी सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि सरकारी धन जनता के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च हो।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), कृषक समृद्धि योजना और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए। इनमें रचना, सौरथ, विजय पांडे, सोमती, कृष्ण पाल, अनुपेक्षा, अमित कुमार, प्रवीण कुमार, अशोक कुमार, असलन अंसारी, सैद, प्रीति, मीनाक्षी और सिमरन सहित कई लाभार्थी शामिल रहे।
