• 9 जून से दोनों ग्रह बेहद करीब दिखाई देंगे, 11 जून के बाद बुध के जुड़ने से बनेगी तीन ग्रहों की आकर्षक परेड


नई दिल्ली : जून का महीना खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए खास सौगात लेकर आया है। आकाश में दो सबसे चमकीले ग्रहों गुरु और शुक्र का दुर्लभ मिलन देखने को मिलेगा। पृथ्वी से देखने पर दोनों ग्रह एक-दूसरे के बेहद निकट नजर आएंगे और खास बात यह है कि इस खगोलीय घटना को देखने के लिए किसी दूरबीन या विशेष उपकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी। साफ मौसम में सामान्य आंखों से भी इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया जा सकेगा।


ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह संयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 8 जून को शुक्र ग्रह ने मिथुन राशि में प्रवेश किया, जहां पहले से ही गुरु ग्रह मौजूद हैं। इसी कारण दोनों ग्रहों की युति का विशेष संयोग बना है। हालांकि अंतरिक्ष में इन दोनों ग्रहों के बीच वास्तविक दूरी लाखों किलोमीटर की है, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे।


विशेषज्ञों के अनुसार, 9 जून की रात से ही कई स्थानों पर यह नजारा दिखाई देना शुरू हो जाएगा। हालांकि इसे देखने का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय से ठीक पहले का माना जा रहा है। सुबह लगभग 4:45 बजे से 5:45 बजे के बीच पश्चिमी दिशा के आकाश में यह दृश्य सबसे स्पष्ट और आकर्षक दिखाई देगा। मौसम साफ होने पर लोग इसे आसानी से अपनी आंखों से देख सकेंगे।


इस खगोलीय आयोजन की रोचकता 11 जून से और बढ़ जाएगी। उस दिन बुध ग्रह भी इस समूह का हिस्सा बन जाएगा। इसके बाद 15 जून तक आकाश में गुरु, शुक्र और बुध तीनों ग्रह अपेक्षाकृत नजदीक दिखाई देंगे। 11 जून के बाद सूर्यास्त के बाद शाम के आसमान में भी इन तीनों ग्रहों की परेड देखी जा सकेगी, जिससे यह नजारा और अधिक आकर्षक बन जाएगा।


खगोल वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल मनोरम दृश्य प्रस्तुत नहीं करतीं, बल्कि लोगों को ग्रहों की गति, उनकी स्थिति और सौरमंडल की संरचना को समझने का अवसर भी देती हैं। यही वजह है कि ग्रहों के इस तरह के दुर्लभ मेल को विज्ञान प्रेमियों के लिए विशेष माना जाता है।


यह खगोलीय घटना केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी। मौसम अनुकूल रहने पर रूस, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में भी यह दृश्य देखा जा सकेगा। गुरु और शुक्र दोनों ही अत्यंत चमकीले ग्रह हैं, इसलिए रात और सुबह के आकाश में इन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा।


आकाश में बनने वाला यह दुर्लभ दृश्य जून के महीने को खगोलीय घटनाओं के लिहाज से खास बना रहा है। आने वाले दिनों में ग्रहों की यह परेड आसमान को और भी आकर्षक बनाएगी तथा लोगों को ब्रह्मांड की अद्भुत गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर देगी।