परीक्षा देकर निकले युवक को कॉलेज गेट पर चाकू से गोदा, कोटवा कॉलेज के बाहर दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में सनसनी

स्टेट ब्यूरो, बिहार

पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। कोटवा कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर परीक्षा देकर निकल रहे एक छात्र की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई इस खूनी वारदात के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार कल्याणपुर थाना क्षेत्र के देवपुर परसा निवासी विद्या प्रसाद यादव का पुत्र रितेश यादव सोमवार को कोटवा कॉलेज में परीक्षा देने आया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद जैसे ही वह कॉलेज के मुख्य द्वार से बाहर निकला, वहां पहले से घात लगाकर बैठे सरोज यादव, पिता बीरेन्द्र यादव ने उस पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना भीषण और सटीक था कि रितेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा।

घटना के बाद मौके पर मौजूद छात्रों और स्थानीय लोगों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में घायल रितेश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाने लगा, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया।

पुलिस सूत्रों और प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक रितेश यादव और आरोपी सरोज यादव के बीच पिछले कुछ समय से यूट्यूब पर वीडियो बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश में आरोपी ने हत्या की योजना बनाई और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला यूट्यूब वीडियो बनाने से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कोटवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया है।

इस सनसनीखेज हत्या के बाद कॉलेज के छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने कॉलेज परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बढ़ती आपराधिक घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।