हरिद्वार से गंगाजल लेकर गुजरते कांवड़ियों से भगवा रंग में रंगे प्रमुख मार्ग। मोटा महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु, लंबी कतारें लगीं

बिजनौर : कंधों पर रंग-बिरंगे कांवड़, हाथों में तिरंगा और भगवान शिव की प्रतिमाएं, जुबां पर हर-हर महादेव और बोल बम का जयघोष। सावन की दूसरी सोमवारी पर बिजनौर की सड़कों पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रमुख कांवड़ मार्ग शिवभक्ति के रंग में रंग गए। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौट रहे पैदल और डाक कांवड़ियों का रविवार से ही लगातार आवागमन जारी रहा। देर रात से सोमवार सुबह तक पांच लाख से अधिक कांवड़ यात्री जिले से सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं।

एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह के अनुसार, कांवड़ यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख कांवड़ मार्गों से लेकर शिवालयों और संवेदनशील स्थानों तक पुलिस, पीएसी और यातायात पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। भीड़ और यातायात व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।

सावन की दूसरी सोमवारी पर मंडावली क्षेत्र स्थित प्राचीन स्वयंभू मोटा महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार सुबह से ही यहां कांवड़ यात्रियों और शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।

मोटा महादेव मंदिर से कांवड़ यात्रियों की एक खास परंपरा भी जुड़ी हुई है। मान्यता है कि पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के बाद थके हुए कांवड़ यात्रियों को यहां सोंटा लगाया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इससे यात्रा की थकान दूर होती है और आगे की यात्रा के लिए नई ऊर्जा मिलती है।

इस बार कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ देशभक्ति के रंग भी दिखाई दे रहे हैं। कई कांवड़ जत्थे भव्य और आकर्षक कांवड़ लेकर आगे बढ़ते नजर आए, जबकि कई कांवड़ों पर राष्ट्रध्वज तिरंगा शान से लहराता दिखाई दिया। कुछ शिवभक्त अपने कंधों पर भगवान शिव की विशाल प्रतिमाएं लेकर यात्रा कर रहे हैं। ऐसे जत्थे जहां से गुजर रहे हैं, वहां लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए जिले में जगह-जगह शिविर और भंडारे लगाए गए हैं। इनमें भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी कई स्थानों पर कांवड़ियों को पानी और फल वितरित करते नजर आए।

कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रास्तों पर चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बलों की तैनाती और सेवा शिविरों के बीच लगातार आगे बढ़ रहे कांवड़ियों के जयघोष से सोमवार को बिजनौर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।