कोलकाता में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान ने मनाई स्वर्ण जयंती, आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन

कोलकाता : पांच दशक की उपलब्धियों को समेटे राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान अब आधुनिक सुविधाओं के साथ अपनी अगली यात्रा की ओर बढ़ रहा है। होम्योपैथिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगियों की देखभाल के क्षेत्र में 50 वर्षों की सेवा पूरी करने पर संस्थान ने गुरुवार को अपनी स्वर्ण जयंती मनाई। इस अवसर को भविष्य की जरूरतों से जोड़ते हुए अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं से संस्थान में उपचार के साथ शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

समारोह में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार शामिल हुए। सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और सामिक भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल की विधायक सुमाना सरकार, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक और छात्र भी मौजूद रहे।

प्रतापराव जाधव ने संस्थान के 50 वर्ष पूरे होने को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि स्वर्ण जयंती केवल अब तक की उपलब्धियों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि आने वाले दशकों की प्राथमिकताएं तय करने का भी समय है। उन्होंने कहा कि नई सुविधाएं आधुनिक बुनियादी ढांचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और बेहतर रोगी देखभाल के साथ आयुष संस्थानों को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने बदलती स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों की खूबियों को आधुनिक प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत करने के साथ छात्रों, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान आने वाले समय में शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संस्थान के पांच दशकों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई सुविधाओं से संस्थान की शैक्षणिक और पेशेवर क्षमता बढ़ेगी तथा छात्रों को अध्ययन, प्रशिक्षण और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने उम्मीद जताई कि संस्थान के विस्तार से कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों के लोगों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि नई सुविधाएं संस्थान की मजबूत नींव को और विस्तार देंगी तथा भविष्य की शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होंगी।

नवनिर्मित मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। आधुनिक प्रणालियों से लैस इस सुविधा से संस्थान की नैदानिक सेवाओं को मजबूत करने के साथ प्रशिक्षण और पेशेवर विकास में भी मदद मिलेगी। वहीं उत्कृष्टता केंद्र के जरिए नैदानिक अनुसंधान, शैक्षणिक विकास और नवाचार को गति देने की योजना है। यह केंद्र संस्थागत सहयोग बढ़ाने तथा छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने का मंच भी बनेगा।संस्थान के निदेशक डॉ. प्रलय शर्मा ने कहा कि नई सुविधाएं बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और होम्योपैथिक शिक्षा, अनुसंधान तथा रोगी देखभाल के अगले चरण के लिए संस्थान को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्वर्ण जयंती समारोह से एक दिन पहले दो सितंबर को प्रतापराव जाधव ने आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संस्थान के छात्रों से भी विस्तृत बातचीत की थी। इसका उद्देश्य होम्योपैथी के विकास को लेकर छात्रों के विचार और सुझाव जानना था। छात्रों ने संस्थान के शैक्षणिक वातावरण के साथ अस्पताल में रोगियों के उपचार से मिलने वाले व्यापक व्यावहारिक अनुभव की जानकारी दी। जाधव ने रोगी देखभाल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षुओं के योगदान की सराहना की।

संवाद के दौरान प्रस्तावित अस्पताल भवन, पशु गृह और औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला सहित संस्थान की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने से जुड़े सुझाव भी सामने आए। छात्रों ने वजीफा, हाउसस्टाफशिप और राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े मुद्दे भी मंत्री के समक्ष रखे। इस तरह संस्थान की स्वर्ण जयंती केवल बीते 50 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं रही, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और रोगी सेवा के अगले चरण की रूपरेखा पर चर्चा का अवसर भी बनी।