यूडीएफ 95 सीटों पर आगे, लेफ्ट 43 पर सिमटा, बीजेपी भी कुछ सीटों पर बढ़त में, कई मंत्री पीछे चल रहे
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट स्पष्ट बढ़त के साथ सत्ता की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 71 सीटों के मुकाबले यूडीएफ करीब 97 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट 41 सीटों तक सीमित नजर आ रहा है। अन्य दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
मतगणना के मौजूदा रुझानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत हो गई है। इस बार का चुनाव सत्तारूढ़ लेफ्ट और विपक्षी कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था, जिसमें अब कांग्रेस गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला एनडीए भी राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए कुछ सीटों पर आगे चल रहा है।
9 अप्रैल को हुए मतदान के बाद अब मतगणना की प्रक्रिया जारी है और कई अहम सीटों पर उलटफेर देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि मौजूदा सरकार के कम से कम सात मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं, जो सत्ता विरोधी रुझान की ओर इशारा करता है।
केरल की राजनीति लंबे समय से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच घूमती रही है, जहां हर चुनाव में सत्ता बदलने का ट्रेंड देखा जाता रहा है। इस बार भी शुरुआती संकेत उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि अंतिम नतीजों का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन जिस तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उससे यह साफ हो रहा है कि केरल की सत्ता की दिशा बदलने की पूरी संभावना बन चुकी है।
