स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी समारोह का हुआ आयोजन, शताब्दी वर्ष पर स्मारिका, वेबसाइट एवं विशेष डाक आवरण का किया गया लोकार्पण
स्टेट ब्यूरो, लखनऊ
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय समागार में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, विशिष्ट अतिथि के रूप में पंकज गुप्ता एवं चीफ पोस्टमास्टर जनरल, उत्तर प्रदेश सहित विभाग के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह में विभाग की एक सदी की गौरवपूर्ण यात्रा, पारदर्शी वित्तीय प्रशासन को सुदृढ़ करने तथा लोकधन की सुरक्षा में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया।
उल्लेखनीय है कि विभाग की स्थापना 01 अप्रैल, 1926 को वित्त विभाग के अधीन एक स्वतंत्र इकाई के रूप में की गई थी। वर्तमान में यह विभाग नगर निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं राज्य सहायता प्राप्त अन्य संस्थाओं की लेखा परीक्षा (ऑडिट) कर वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभाग के आधुनिकीकरण एवं पेपरलेस ऑडिट प्रणाली की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर विशेष चर्चा की गई, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छ, समयबद्ध एवं पारदर्शी लेखा परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इस अवसर पर विभाग की स्मारिका एवं आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन किया गया तथा 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक आवरण (स्पेशल कवर) का लोकार्पण भी किया गया। शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने हेतु विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वृक्षारोपण, वस्त्र वितरण एवं जन-संवाद जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि लेखा परीक्षा विभाग लोकधन का सजग संरक्षक है। उन्होंने डिजिटल युग में विभाग की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए नवीन तकनीकों के उपयोग द्वारा ऑडिट की प्रभावशीलता एवं समयबद्धता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा एवं समय प्रबंधन को किसी भी संस्था की सफलता का मूल आधार बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इन मूल्यों को अपनी कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
इस भव्य आयोजन के साथ स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने अपनी गौरवशाली शताब्दी यात्रा का स्मरण करते हुए भविष्य में और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह वित्तीय प्रणाली के निर्माण का संकल्प दोहराया।
