​देवरिया। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की धरातलीय हकीकत परखने के लिए देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सदर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कतरारी, मझगांवा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र () मझगांवा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की सख्त हिदायत दी।

​विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान डीएम ने पठन-पाठन का स्तर, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं की बारीकी से जांच की। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया और बच्चों से संवाद कर उनसे किताबें पढ़वाईं। डीएम ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें नियमित स्कूल आने और पूरी लगन से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

​शिक्षकों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित करने और अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कराने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें संस्कारित व योग्य नागरिक बनाना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

​इसके पश्चात जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांवा का रुख किया। वहां उन्होंने डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई का निरीक्षण किया। डीएम ने अभिलेखों व एमसीपी (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड की जांच की और स्वयं एक महिला मरीज का वजन कराकर स्वास्थ्य व्यवस्था का परीक्षण किया।

​उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्यकर्मी समय से अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराएं।