• न कोई मेरी नाराजगी है, न कोई दरार। साथ छोड़ने की अटकलों पर भी उन्होंने विराम लगाया।


बिहार : पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ थे, वर्तमान में भी पूरी निष्ठा और दृढ़ता के साथ हैं और मरते दम तक उनके साथ बने रहेंगे। उनके साथ छोड़ने का सवाल ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की तनिक भी परवाह नहीं है कि कौन पत्रकार और कौन लोग उनके बारे में क्या कह रहे हैं। वह अपना काम कर रहे हैं और मैं अपने काम में लगा हूं।


जहां तक निशांत का सवाल है, वह मेरे लिए पुत्र समान हैं। उनके नाम पर सभी लोगों की सहमति है। पूरी पार्टी एकजुट है और इस विषय में किसी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। जहां तक उनके राजनीतिक फैसले का सवाल है, वह सरकार में डिप्टी सीएम बनें या पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी लें, यह फैसला हमारे सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार और निशांत कुमार ही करेंगे। मुझे विश्वास है कि यह सभी फैसले दल हित में ही होंगे।


मैं राजनीति में जननायक कर्पूरी ठाकुर के समय से हूं और उसी पाठशाला का छात्र हूं, जिसके छात्र पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी रहे हैं। मेरा और उनका साथ संघर्ष से लेकर सत्ता तक रहा है। वर्ष 1995 में जनता दल के गठन के बाद से उन्होंने जब-जब जो जिम्मेदारी दी, मैंने पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ उसे निभाया है।

उन्होंने विशेष सुरक्षा दिए जाने के सवाल पर कहा कि मेरे आवास का गेट हमेशा जनता के लिए खुला रहा है और आगे भी खुला रहेगा। यह सरकार की सोच और व्यवस्था का हिस्सा है। मैं जिस निष्ठा के साथ अपने आवास पर आने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम जनता की बातें सुनकर उनकी मदद करता रहा हूं, आगे भी करता रहूंगा। मैं नीतीश कुमार का सिपाही रहा हूं और आगे भी सिपाही बना रहूंगा।


सरकार और पार्टी के साथ-साथ मेरी प्राथमिकता मेरा क्षेत्र भी है। मैं जरूरत के अनुसार हर जगह उपलब्ध रहता हूं। नई पीढ़ी के विधायकों से भी कहता हूं कि क्षेत्र की जनता की सेवा को हमेशा अपनी प्राथमिकता में रखें। मैं सुझाव दे सकता हूं, लेकिन उस पर अमल करना उनका कार्य है।


नई सरकार के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि सबकी राय से हमारे राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बने हैं। उन्हें हमारा पूरा समर्थन रहेगा और हर संभव सहयोग करेंगे। आज भी हमारे नेता नीतीश कुमार हैं और उनका हर फैसला मेरे लिए सर्वमान्य होगा।


एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जनता दल यूनाइटेड के विधानमंडल दल की बैठक 20 अप्रैल को बुलाने का निर्देश पार्टी के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार की ओर से मिला है। इसी सिलसिले में मैं आज पटना आया था और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को बधाई देने के बाद अब अपने क्षेत्र लौट रहा हूं।


मंत्रिमंडल विस्तार और विधानसभा में विश्वास मत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह सब जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। यह विषय मेरे सीधे दायरे में नहीं आता। उन्होंने चलते-चलते पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद और अपनी जाति के नेताओं के बीच किसी दरार से भी इनकार किया।