• प्रधानमंत्री ने कहा कनेक्टिविटी से अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा


नई दिल्ली/देहरादून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने इसे उत्तराखंड और पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडू की शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि यह परियोजना उत्सवों के माहौल में शुरू हो रही है।


प्रधानमंत्री ने देवभूमि की पवित्र धरती को नमन करते हुए कहा कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की चार धाम यात्रा जल्द शुरू होने वाली है, जिसका देशभर के श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवताओं का भी स्मरण किया और मां दात काली के मंदिर में दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना को पूरा करने में उनका आशीर्वाद महत्वपूर्ण रहा है।


डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने और 26वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवा राज्य तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है। उन्होंने दोहराया कि यह दशक उत्तराखंड के लिए विशेष महत्व का है और यह एक्सप्रेसवे राज्य के विकास को नई गति देगा।


उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी मजबूत अवसंरचना पर निर्भर करता है। पहले जहां देश में अवसंरचना पर सालाना खर्च 2 लाख करोड़ रुपये से कम था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उत्तराखंड में ही इस समय 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं।

दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हाल के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के विस्तार, मेरठ मेट्रो, नमो भारत रेल, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और एमआरओ सुविधा जैसे प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सब मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास की तस्वीर पेश करते हैं।


प्रधानमंत्री ने बताया कि यह आर्थिक गलियारा यात्रा समय को कम करेगा और लोगों की लागत घटाएगा। इससे पेट्रोल और डीजल की बचत होगी, माल ढुलाई सस्ती होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सिर्फ सड़क नहीं है, बल्कि व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स के लिए नए रास्ते खोलेगी। इससे किसानों और पशुपालकों को भी फायदा होगा, क्योंकि उनकी उपज तेजी से बाजार तक पहुंच सकेगी।


पर्यटन को लेकर उन्होंने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चार धाम तक पहुंच अब और आसान हो जाएगी। उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संतुलन पर भी जोर देते हुए बताया कि इस परियोजना में लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा बनाया गया है, ताकि जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देवभूमि को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक कचरे से बचें।


हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे भव्य और स्वच्छ बनाने का आह्वान किया। साथ ही नंदा देवी राजजात यात्रा को भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।


महिला सशक्तीकरण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा और इस पर आगे चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।


अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रगति, प्रकृति और संस्कृति के संतुलन पर जोर दिया और इस परियोजना के उद्घाटन पर देशवासियों को बधाई दी।