दिव्य आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण की रही गूंज, राज्यभर से आए भक्तों ने लिया हिस्सा
LUCKNOW : दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से साई गेस्ट हाउस, डेंटल हॉस्पिटल के पास, तेली बाग में गुरु पूर्णिमा महोत्सव उल्लास के साथ मनाया गया| इस भव्य आयोजन में राज्य भर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण, भव्य आरती, आध्यात्मिक प्रवचन और भक्ति संगीत के माध्यम से संपूर्ण परिसर अलौकिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। सर्वश्री आसुतोष महाराज की शिष्या साध्वी आस्था भारती जी ने मानव जीवन में गुरु की महत्ता, आत्ममंथन और वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों में ब्रह्मज्ञान की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।
आध्यात्मिक विचारों की श्रृंखला में साध्वी प्रमिता भारती ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शिष्य के लिए आत्ममंथन की एक पावन कसौटी है। यह पर्व हमें यह विचार करने का अवसर देता है कि बीते 365 दिनों में हम गुरु की आज्ञाओं पर कितने खरे उतरे| सच्चा समर्पण केवल बाहरी क्रियाओं में नहीं, बल्कि गुरु के सिद्धांतों को अपने आचरण में ढालने में है।

साध्वी आस्था भारती ने श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कहा कि गुरु के निर्देशों का निष्काम भाव से पालन करना और जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य के मार्ग पर स्थिर रहना ही वास्तविक गुरु-पूजा है| जो शिष्य निष्ठा के साथ गुरु के मार्ग पर चलता है, वह संसार की प्रशंसा, निंदा या प्रतिकूल परिस्थितियों से विचलित नहीं होता| कार्यक्रम के अंतिम सोपान में साध्वी आस्था भारती ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की आध्यात्मिक महिमा पर प्रकाश डाला।
वर्तमान युग की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए साध्वी आस्था भारती ने कहा की कुटिल चाल कलिकाल चल रहा, युग की गति पहचानो| आज विश्व भर में युद्ध, प्राकृतिक असंतुलन और नैतिक मूल्यों का ह्रास देखने को मिल रहा है। ऐसे संकटपूर्ण समय में केवल ब्रह्मज्ञान से जागृत साधक ही अपने विवेक, साधना और गुरु के मार्गदर्शन के बल पर निर्भय और सुरक्षित रह सकता है।
संस्थान की शिष्या साध्वी आस्था भारती ने प्रवचन में गुरु-शिष्य संबंध के महत्व पर प्रकाश डाला| उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि पूर्ण गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है| उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से सतगुरु व्यक्ति के जीवन में आत्मबोध और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग दिखाते हैं।
इस मौके पर साध्वी शालिनी भारती, साध्वी अंबिका भारती ने गुरु की महिमा का बखान करते हुए सुंदर भजन से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया. इस मौके पर राजेश कुमार शुक्ला (डायरेक्टर सांईं गेस्ट हाउस), डा. सविता मिश्रा, इंजी. ज्ञान प्रकाश अग्रहरि, राजीव जौहरी, अनिल सिंह विष्ट, भगवान दुबे, एसपी सिंह, धर्मेंद्र कुमार, कंचन सिंह, मनीष कुमार सिंह, करूणेश मिश्रा, सुधा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

इस पावन समागम का भव्य शुभारंभ सर्वश्री आशुतोष महाराज जी के ब्रह्मज्ञानी शिष्य-शिष्याओं द्वारा किए गए पवित्र वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ| वेद-रीतियों की दिव्य ध्वनियों ने समूचे परिसर को अलौकिक सकारात्मकता और शांति से परिपूर्ण कर दिया।
मंच का कुशल संचालन करते हुए साध्वी रितु भारती ने राज्य के दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन किया| इसके उपरांत समस्त मानवता के कल्याण, विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और प्रत्येक प्राणी के सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक एवं भावपूर्ण प्रार्थना की गई।
अंत में सामूहिक ध्यान कराया गया, जिसमें विश्व शांति, मानव एकता और सभी प्राणियों के कल्याण की कामना की गई। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया| संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है।
