मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने श्रीराम मंदिर चंदा चोरी, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा
LUCKNOW: विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को विपक्ष ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट परीक्षा पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज के साथ ही अन्य मुद्दों पर विधान भवन पोर्टिको में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने मुद्दों पर अपनी एकजुटता दिखाई। हाथों में नारे लिखे तख्तियां लेकर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर लगातार नारेबाजी करते रहे। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सरकार श्रीराम मंदिर चंदा चोरी और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर जवाब देना नहीं चाहती है, इसीलिए महज चार दिन का सत्र आहूत किया है।
विपक्ष ने सुबह 10.10 बजे से ही विधान भवन पोर्टिको में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। पोर्टिको के पास स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष यह विरोध प्रदर्शन 10.55 बजे तक चला। नारे लिखे तख्तियों और नारेबाजी से अयोध्या में श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। टीन की दान पेटी बनवाकर भी ले गए थे। तख्तियों पर लिखे गए नारों में श्रद्धा का रामधन भाजपा ने किया गबन, चंदा चोर गद्दी छोड़, चढ़ावा चोरों गद्दी छोड़ो, चोर लुटेरे कहां मिलेंगे भारतीय जनता पार्टी में, 68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण लागू करो, नीट है या चीट है, भाजपा हटाओ बिटिया बचाओ आदि शामिल थे।
सपा सदस्य डा. आरके वर्मा ने कहा कि जनता से जुड़े सवालों से बचने के लिए प्रदेश सरकार ने महज चार दिन का मानसून सत्र आहूत किया है। प्रभु श्रीराम का नाम लेकर सत्ता में आई भाजपा सरकार श्रीराम धन की सुरक्षा नहीं कर पा रही है, तो देश की सुरक्षा और बहु बेटियों की सुरक्षा कैसे करेगी? हम सदन में चढ़ावा चोरी, किसानों की खाद, छात्रों व लाठी, पेपर लीक, आरक्षण चोरी, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाएंगे। सपा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि किसानों को एक एकड़ भूमि पर महज एक बोरी खाद दी जा रही है। सोसाइटियों पर भाजपा के लोग काबिज हैं। बिजली का निजीकरण क्यों, सरकार इस पर जवाब दे। मुख्य्मंत्री के विभागों में ही बजट लैप्स हो रहे हैं। भाजपा इन तमाम सवालों पर भागना चाहती है। सदन की कार्यवाही कम से कम 15 दिन तक चलनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस सदस्य अराधाना मिश्रा ‘मोना’, सपा सदस्य ओम प्रकाश सिंह, सचिव यादव, अतुल प्रधान, संग्राम यादव, डा. रागिनी सोनकर सहित दर्जनों सदस्य शामिल थे।
