देवरिया: जनपद देवरिया के थाना गौरीबाजार अंतर्गत ग्राम लवकनी में सरकारी खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे और प्रतिमा स्थापना को लेकर स्थिति अचानक बेहद विस्फोटक हो गई। बिना प्रशासनिक अनुमति के रखी गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा को जब पुलिस-प्रशासनिक टीम ससम्मान हटवाने में जुटी, तभी झाड़ियों और भीड़ में छिपे अराजक तत्वों ने पुलिस टीम को निशाना बनाकर हमला बोल दिया। अंधाधुंध हुए ईंट-पत्थरों के हमले में कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
बातचीत से सुलझ रहा था मामला, उपद्रवियों ने सोची-समझी साजिश के तहत किया हमला
ग्राम लवकनी में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से प्रतिमा स्थापित किए जाने की भनक मिलते ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रतिमा रखने वाले पक्ष से सीधी वार्ता की। बातचीत के बाद आयोजक ससम्मान प्रतिमा हटाने पर राजी हो गए थे। लेकिन जैसे ही प्रतिमा विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हुई, माहौल बिगाड़ने की फिराक में बैठे असामाजिक तत्वों ने पूरी साजिश के तहत ईंट-पत्थरों से पुलिस बल पर हमला बोल दिया।
पुलिस ने खदेड़ा, भारी तनाव के बीच ससम्मान हटाई गई प्रतिमा
अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए उपद्रवियों को खदेड़ दिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी और कड़े पहरे के बीच डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा को पूरे मान-सम्मान और मर्यादा के साथ सुरक्षित स्थान पर भिजवाया गया।
डीएम-एसपी का कड़ा पैगाम: पत्थरबाज़ों का हिसाबी-किताब तय, दोषी कर्मचारियों पर भी गिरेगी गाज
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी देवरिया, मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर खुद मैदान में उतरे।
दोनों उच्च अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी
उपद्रवियों के खिलाफ शांति भंग करने और खाकी पर हाथ उठाने वाले एक-एक उपद्रवी को चिन्हित किया जा रहा है। हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ ऐसी नज़ीर पेश करने वाली सख्त कानूनी कार्रवाई होगी कि दोबारा कोई कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।
विभागीय जांच और कार्रवाई: घटना के दौरान यदि पुलिस या प्रशासन के स्तर पर कोई भी लापरवाही या विभागीय चूक सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोरतम एक्शन लिया जाएगा।