छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा, जबकि पंजाब और हरियाणा के दो अभ्यर्थियों ने संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया


नई दिल्ली : राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार को नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) का परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं। परिणामों के अनुसार इस वर्ष छात्राओं ने प्रदर्शन के मामले में छात्रों को पीछे छोड़ दिया और कुल सफल अभ्यर्थियों में उनकी हिस्सेदारी अधिक रही।

नीट यूजी 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक की आशंकाओं के बाद उसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई, जिसमें करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। एनटीए के आंकड़ों के अनुसार, इस बार लगभग 58 प्रतिशत छात्राएं परीक्षा में सफल रहीं।

ऑल इंडिया स्तर पर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। दोनों अभ्यर्थियों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अपना स्कोरकार्ड एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।

एनटीए के अनुसार, इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा का आयोजन देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित कुल 5,440 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। पुनर्परीक्षा में भी लगभग 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। सफल घोषित अभ्यर्थी अब स्नातक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुष तथा अन्य संबद्ध चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे।

परीक्षा परिणाम के आंकड़ों के अनुसार, 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। एनटीए ने बताया कि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले अधिकांश उम्मीदवारों की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच है। इनमें 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने पहली बार नीट यूजी परीक्षा दी, जबकि लगभग 99 प्रतिशत टॉप प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवार 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं।

एनटीए के जारी आंकड़ों के मुताबिक, 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक हासिल किए। वहीं 1,492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, 10,160 अभ्यर्थियों ने 600 या उससे अधिक अंक हासिल किए, जबकि 90,780 उम्मीदवार 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने में सफल रहे।