सरकार ने अगले दशक में CBG उत्पादन को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। गोबर और जैविक कचरे से स्वच्छ ऊर्जा बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा

नई दिल्ली : स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचे को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गोवर्धन (GOBARdhan) योजना के विस्तार के लिए ₹23,731 करोड़ और असम में गुवाहाटी (बैहाटा चारियाली) से तेजपुर तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण के लिए ₹8,970 करोड़ की स्वीकृति दी गई। दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब ₹32 हजार करोड़ खर्च होंगे।

सरकार ने गोवर्धन योजना को छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित किया है। सबसे अहम कदम कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की सुनिश्चित खरीद व्यवस्था है, जिससे उत्पादकों को बाजार मिलने की चिंता नहीं रहेगी। दूसरा प्रमुख प्रावधान स्थिर मूल्य निर्धारण प्रणाली है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर बायोगैस क्षेत्र पर कम पड़े।

योजना के तीसरे स्तंभ के तहत नए बायोगैस संयंत्र लगाने वालों को पूंजीगत निवेश (कैपिटल एक्सपेंडिचर) में सहायता दी जाएगी। चौथे स्तंभ में उत्पादन केंद्रों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और गैस वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। पांचवें स्तंभ के तहत एमएसएमई, विशेषकर महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को क्रेडिट गारंटी सुविधा मिलेगी, जबकि छठा स्तंभ नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

सरकार ने अगले 10 वर्षों में CBG उत्पादन को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए बायोगैस संयंत्रों को देश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इससे देश की जीडीपी में करीब ₹75 हजार करोड़ का योगदान होगा और करीब 1.5 लाख नए रोजगार सृजित होंगे।

गोवर्धन योजना का उद्देश्य गोबर, जैविक कचरे और कृषि अवशेषों को स्वच्छ ऊर्जा में बदलना है। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी, स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार होगा और आयातित ईंधन पर देश की निर्भरता भी घटेगी।

कैबिनेट ने इसके साथ ही असम में गुवाहाटी (बैहाटा चारियाली) से तेजपुर तक 135.87 किलोमीटर लंबे चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। लगभग ₹8,970 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (NH-15) के उन्नयन के रूप में बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी।

परियोजना के तहत तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भी बनाई जाएगी, जिसे भारतीय वायुसेना के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर में कुल 58.7 किलोमीटर लंबे पांच बाईपास तैयार किए जाएंगे।