उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ, नीतीश ने चारों सदनों के सदस्य बनने का बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस उपलब्धि को इससे पहले केवल राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने हासिल किया था। अब नीतीश कुमार चारों सदनों के सदस्य बनने वाले दूसरे नेता बन गए हैं।

नीतीश कुमार गुरुवार को जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ पटना से दिल्ली शपथ लेने के लिए गए थे। 

राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के साथ ही अब उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वे 13 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक करेंगे और 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।

बिहार में इस बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। नित्यानंद राय, विजय कुमार सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल और रेणू देवी समेत कई नाम सामने आ रहे हैं, जबकि सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के चयन में नीतीश कुमार की राय को भी महत्व दिया जाएगा, ताकि एनडीए के वोट बैंक और सामाजिक समीकरण को बनाए रखा जा सके।


नीतीश कुमार के इस कदम को उनकी राजनीतिक दिशा में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। 2005 में दिल्ली की राजनीति छोड़कर बिहार की कमान संभालने के बाद अब करीब 20 साल बाद वे फिर से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं। शपथ के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा, भाजपा सांसद जेपी, निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा, राजीव प्रताप रूडी, बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, जमा खान और रामनाथ ठाकुर समेत कई नेता मौजूद रहे।नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद दिल्ली से पटना तक राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।