• पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है


महाराष्ट्र में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने प्रशासन और पुलिस तंत्र को अलर्ट कर दिया है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में सामने आए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आई हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतकों ने एक ही स्रोत से प्राप्त शराब का सेवन किया था। हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, कई पीड़ितों में अचानक चक्कर आना, बेचैनी बढ़ना और मुंह से झाग निकलने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।


घटना के तार अवैध शराब के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति तक पहुंचने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि कथित तौर पर तैयार की गई शराब में खतरनाक और स्वास्थ्य के लिए घातक तत्व मिलाए गए थे। मामले में मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में रह चुका है।


हादसे के बाद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और शराब की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जहरीली शराब किस तरह तैयार की गई और किन-किन इलाकों में उसकी आपूर्ति हुई।


मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की गहन जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।


उधर, आबकारी विभाग भी जांच में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों की टीम शराब के नमूनों की जांच कर रही है ताकि मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।


इस हादसे ने एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और उससे जुड़े खतरों को सामने ला दिया है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।