• 28 अगस्त तक चलेगा, इस बार चार सोमवारी, भगवान शिव की आराधना के लिए वर्ष का सबसे पुण्यदायी माना जाता है सावन


बिहार : हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और उपासना के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा-अर्चना, व्रत, तीर्थ स्नान, जलाभिषेक और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। इस बार सावन के महीने में कई शुभ संयोग बन रहे हैं और विशेष बात यह है कि इसकी शुरुआत गुरुवार के दिन हो रही है।


हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। यह पवित्र महीना 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान देशभर के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और धार्मिक आयोजनों का आयोजन होगा।


सावन में सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। इस बार चार सोमवार पड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को चार बार विशेष व्रत और पूजा का अवसर मिलेगा।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में दान-पुण्य का महत्व और बढ़ जाता है। इस दौरान काले तिल, जल, वस्त्र, अन्न और छाता का दान करना शुभ माना गया है। जरूरतमंदों की सहायता करने और दान करने से भी पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।


सावन में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद संभव हो तो निकट के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।


पूजा की शुरुआत शिवलिंग को गंगाजल से स्नान कराने से की जाती है। इसके बाद शहद, दही, घी, दूध और गन्ने के रस से बने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। फिर शिवलिंग पर सफेद चंदन, सफेद फूल, भांग, धतूरा और सफेद चावल अर्पित किए जाते हैं।

इसके बाद भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और नंदी महाराज को कुमकुम, प्रसाद और माला अर्पित कर पूजा की जाती है। अंत में भगवान शिव की आरती उतारकर उन्हें भोग लगाया जाता है।


सावन माह में भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। श्रद्धालु "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" मंत्र का जप भी लाभकारी माना जाता है।

सावन में करें ये विशेष उपाय


भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए सावन माह में शिव चालीसा का पाठ, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करवाना शुभ माना गया है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को सावन प्रदोष व्रत करने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक मान्यता है कि पूरे मन, श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की आराधना करने, तीर्थ स्नान करने तथा दान-पुण्य करने से जीवन के कष्ट कम हो सकते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव भक्ति में लीन होकर पूजा करने से दुख-दर्द दूर होने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की भी मान्यता है।