श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जांच अंतिम चरण में पहुंची
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की राशि और आभूषणों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच लगभग पूरी कर ली है। माना जा रहा है कि आज यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दी जाएगी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर अब इस मामले में विधिक कार्रवाई की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। 15 जून से शुरू हुई जांच के दौरान टीम ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की धनराशि, आभूषणों की गणना और उनके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की। सात दिनों की जांच के बाद टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है।
जांच के दौरान एसआईटी ने चढ़ावे की गिनती और अभिलेखों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट से संबंधित पदाधिकारियों तथा बैंक अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की। इस प्रक्रिया में कई दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और बैंकिंग प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया। सूत्रों के मुताबिक जांच में कुछ ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनकी आगे और गहराई से जांच की आवश्यकता महसूस की गई है।
एसआईटी ने दानपात्रों में जमा धनराशि के उपयोग, विभिन्न मदों में हुए खर्च, भूमि खरीद से जुड़े अभिलेखों तथा पुराने वित्तीय रिकॉर्ड की भी समीक्षा की है। जांच दल ने वर्ष 2021 तक के रिकॉर्ड खंगालते हुए कई दस्तावेजों का मिलान किया। बैंक अधिकारियों से भी अलग-अलग चरणों में पूछताछ कर लेनदेन संबंधी जानकारियां जुटाई गईं।
जांच को मजबूत आधार देने के लिए एसआईटी ने अब तक जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया है। बताया जा रहा है कि जांच से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री को अलग-अलग डिजिटल स्टोरेज माध्यमों में संरक्षित रखा गया है, ताकि आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में उनका उपयोग किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया अयोध्या दौरे के दौरान एसआईटी के अधिकारियों ने उनसे मुलाकात भी की थी। माना जा रहा है कि इस दौरान जांच की प्रगति और अब तक सामने आए तथ्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में आए कुछ लोगों को बिना अनुमति अयोध्या छोड़कर नहीं जाने की हिदायत भी दी गई है। वहीं जांच पूरी होने तक संबंधित पक्षों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एसआईटी अगले चरण की कार्रवाई शुरू करेगी और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि के भीतर अपनी विस्तृत अंतिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगी।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और क्या जांच एजेंसी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करती है। राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील और आस्था से जुड़े मामले में एसआईटी की रिपोर्ट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
