कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर, जबकि कुछ इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक
नई दिल्ली। गुरुवार की रात दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों के लिए किसी डरावनी फिल्म के दृश्य से कम नहीं थी। रात सामान्य थी, लोग अपने-अपने घरों में दिनभर की थकान के बाद आराम की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक आसमान का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते तेज गर्जना, चमकती बिजली और धूल के विशाल गुबारों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में ऐसा लगा मानो प्रकृति ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया हो।
लोगों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की हुई कि मौसम ने इतना खतरनाक मोड़ आखिर अचानक कैसे ले लिया। अब मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे की बड़ी वजह का खुलासा किया है। विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर को दहलाने वाला यह मौसमी सिस्टम भारत में पैदा नहीं हुआ था, बल्कि इसकी जड़ें पड़ोसी देश पाकिस्तान में थीं।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों में एक शक्तिशाली साइक्लोनिक सर्कुलेशन विकसित हुआ था। इसी सिस्टम ने उत्तर-पश्चिम भारत के वायुमंडल में भारी अस्थिरता पैदा कर दी। पाकिस्तान की तरफ से आने वाली तेज और शुष्क हवाएं जब भारतीय मैदानी इलाकों में पहले से मौजूद गर्म और नमी वाली हवाओं से टकराईं तो हालात अचानक विस्फोटक बन गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह टकराव किसी मौसमी बारूद से कम नहीं था। इसके परिणामस्वरूप दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर धूल भरे तूफान का विशाल तंत्र विकसित हो गया। कुछ ही देर में तेज हवाओं ने रफ्तार पकड़ ली और सामान्य बहने वाली हवा तूफानी झोंकों में बदल गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जबकि कुछ इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके दर्ज किए गए। इतनी तेज रफ्तार वाली हवा बड़े-बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ने और बिजली के खंभों को गिराने की क्षमता रखती है। यही वजह रही कि रातभर लोगों के बीच डर और अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तत्काल दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि रेड अलर्ट तभी जारी किया जाता है जब मौसम जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा करने की स्थिति में पहुंच जाए।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि पाकिस्तान से सक्रिय हुआ यह मौसमी सिस्टम अगले 24 से 48 घंटों तक प्रभाव बनाए रख सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके असर से तेज आंधी, धूल भरे तूफान और खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। इसी कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। टीन शेड, होर्डिंग, साइनबोर्ड और निर्माणाधीन इमारतों से दूर रहें क्योंकि तेज हवाओं में ये जानलेवा साबित हो सकते हैं। लोगों को बड़े पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा करने या खड़े होने से भी बचने को कहा गया है। इसके अलावा घरों के भीतर रहते समय कांच की खिड़कियों और दरवाजों से दूरी बनाए रखने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों और तालाबों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
