गणेश धर द्विवेदी 

देवरिया: शहर के भीखमपुर रोड से रेलवे स्टेशन रोड तक प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को लेकर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। भीखमपुर रोड, रामगुलामटोला और स्टेशन रोड क्षेत्र के नागरिकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर प्रोजेक्ट के वर्तमान डिजाइन पर कड़ा ऐतराज जताया है।

​यातायात ठप होने और प्रदूषण बढ़ने की चिंता

​स्थानीय नागरिकों का तर्क है कि भीखमपुर रोड तिराहा और स्टेशन रोड पहले से ही काफी संकरे हैं। यदि यहीं ओवरब्रिज का एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाया गया, तो शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्रवासियों ने 'एनजीटी' (NGT) के मानकों का हवाला देते हुए कहा कि भीषण जाम के चलते धुएं और हॉर्न के शोर से वायु व ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ जाएगा। इसका सीधा दुष्प्रभाव पास में स्थित अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और विद्यालयों के छात्रों व मरीजों की सेहत पर पड़ेगा।

​रोजगार पर संकट और कानूनी उल्लंघन का आरोप

​व्यापारियों ने चिंता जताई कि ओवरब्रिज निर्माण की जद में आने से सैकड़ों दुकानें और व्यवसाय प्रभावित होंगे, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में 'भूमि अर्जन अधिनियम 2013' और नगर पालिका अधिनियम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि बिना किसी 'सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट' (SIA) और जन-सहमति के जबरन काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

​नागरिकों की प्रमुख मांगें:

पारदर्शी जन-सुनवाई: प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित लोगों के साथ तत्काल 'पब्लिक हियरिंग' कराई जाए।

​डीपीआर व नक्शा सार्वजनिक हो: परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) और प्रस्तावित नक्शे को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक किया जाए।

​वैकल्पिक मार्ग पर विचार: शहर को जाम से बचाने के लिए सलेमपुर रोड या बाईपास पर वैकल्पिक ओवरब्रिज बनाने की संभावना तलाशी जाए।

​काम पर रोक: जब तक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए।