• हीटवेव के कारण चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायतें बढ़ीं। डॉक्टरों की सलाह-धूप से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें


मुजफ्फरपुर : पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है, जबकि अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बढ़ते तापमान ने लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है और लू का खतरा हर दिन गहराता जा रहा है।

अहियापुर के फिजिशियन डॉ ऋषभ राज के अनुसार, लगातार तेज गर्मी के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से कम हो रही है, जिससे लोग हीट स्ट्रोक, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा मांसपेशियों में ऐंठन और त्वचा पर घमौरियां भी आम शिकायत बन गई है। अस्पतालों में इन लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी का असर केवल सामान्य बीमारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल, फेफड़ों और मस्तिष्क पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं इस मौसम में ज्यादा संवेदनशील होती हैं और उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज धूप के कारण नाक से खून आना, उल्टी-दस्त और हृदय गति का तेजी से बढ़ना जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।

इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और धूप में निकलते समय टोपी, चश्मा तथा छाते का इस्तेमाल करना भी जरूरी बताया जा रहा है।

बढ़ती गर्मी के बीच अब लोगों को अपनी दिनचर्या में बदलाव कर सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि लू और उससे जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।