एक अरब से ज्यादा यूजर्स के लिए .gram के जरिए व्यक्तिगत वेबसाइट का रास्ता खोलने की तैयारी

नई दिल्ली : अब तक Telegram पर आपका यूजरनेम लोगों को आपकी प्रोफाइल तक पहुंचाता था, लेकिन आने वाले समय में यही नाम इंटरनेट पर आपकी अपनी वेबसाइट का पता बन सकता है। यानी अगर आपका यूजरनेम rakesh है तो rakesh.gram जैसी वेबसाइट आपकी डिजिटल पहचान बन सकती है। मैसेजिंग, ग्रुप और चैनल के बाद Telegram अब वेबसाइट और डिजिटल पब्लिशिंग की दुनिया में बड़ा दांव लगाने की तैयारी कर रहा है।

Telegram के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने बताया है कि कंपनी ने .gram नाम के समर्पित टॉप-लेवल डोमेन के लिए आवेदन किया है। इसे मंजूरी मिलती है तो Telegram के एक अरब से अधिक यूजर्स के लिए अपने यूजरनेम से जुड़ा व्यक्तिगत वेब एड्रेस हासिल करने का रास्ता खुल सकता है।

कंपनी की योजना केवल यूजर्स को नया वेब एड्रेस देने तक सीमित नहीं है। Telegram एक नया AI फीचर भी तैयार करने की योजना बना रहा है, जिसकी मदद से यूजर सिर्फ एक प्रॉम्प्ट देकर अपनी इंटरैक्टिव वेबसाइट तैयार कर सकेगा। इसके लिए न तो कोडिंग सीखने की जरूरत होगी और न ही अलग से वेब डेवलपमेंट की जानकारी जरूरी होगी। यूजर सामान्य भाषा में बताएगा कि उसे कैसी वेबसाइट चाहिए और AI उसकी जरूरत के मुताबिक वेबसाइट तैयार करने में मदद करेगा।

योजना के मुताबिक वेबसाइट की होस्टिंग और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी Telegram ही संभालेगा। इससे यूजर को वेबसाइट बनाने के बाद अलग से होस्टिंग सेवा खोजने जैसी जरूरत से राहत मिल सकती है। इस तरह Telegram एक ही जगह यूजर की मैसेजिंग पहचान, वेब एड्रेस, वेबसाइट निर्माण और होस्टिंग को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

हालांकि .gram पारंपरिक .com या .in जैसे डोमेन से अलग होगा। सामान्य डोमेन खरीदने वाला व्यक्ति उसे आवश्यकता पड़ने पर किसी दूसरे डोमेन रजिस्ट्रार के पास ट्रांसफर कर सकता है। .gram के मामले में ऐसा नहीं होगा। प्रस्तावित व्यवस्था Telegram के नियंत्रण में रहेगी और .gram एड्रेस सीधे संबंधित Telegram अकाउंट से जुड़ा होगा। इसे किसी दूसरे डोमेन रजिस्ट्रार के पास ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।

Telegram की इस तैयारी के पीछे उसके मौजूदा t.me लिंक सिस्टम से जुड़ी हाल की परेशानी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक प्रतिबंध के कारण t.me लिंक करीब 19 घंटे तक प्रभावित रहे थे। इस घटनाक्रम के बाद कंपनी ने अपने डोमेन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम तेज किया, ताकि भविष्य में तीसरे पक्ष पर निर्भरता कम की जा सके और बाहरी कारणों से सेवा में आने वाली रुकावट का जोखिम घटाया जा सके।

.gram को वास्तविकता बनने के लिए अभी एक महत्वपूर्ण मंजिल पार करनी बाकी है। Telegram ने इंटरनेट डोमेन व्यवस्था की देखरेख करने वाली संस्था ICANN के पास आवेदन किया है। ICANN अक्टूबर के अंत तक प्राप्त आवेदनों की सूची जारी कर सकती है। इसके बाद .gram के भविष्य को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

मंजूरी मिलने के बाद भी सेवा तुरंत शुरू होने की संभावना नहीं है। पूरी प्रक्रिया में करीब 12 से 18 महीने लगने का अनुमान है। ऐसे में सब कुछ योजना के मुताबिक आगे बढ़ा तो 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक यूजर्स को यह सुविधा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह संभावित समयसीमा है और वास्तविक शुरुआत ICANN की प्रक्रिया तथा अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगी।

Telegram की यह योजना सफल होती है तो मुकाबला केवल मैसेजिंग सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा। WhatsApp समेत दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के मुकाबले Telegram के पास एक ऐसी अलग सुविधा आ सकती है, जिसमें यूजर अपने मैसेजिंग अकाउंट से ही व्यक्तिगत वेब पहचान और वेबसाइट तैयार कर सकेगा। अभी बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इस तरह की एकीकृत सुविधा आम नहीं है।

यानी जिस Telegram को लोग अब तक चैटिंग, ग्रुप और चैनल के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं, वही आने वाले समय में उनकी वेबसाइट का ठिकाना भी बन सकता है। .gram को मंजूरी और AI वेबसाइट फीचर का सफल क्रियान्वयन हुआ तो Telegram की पहचान महज मैसेजिंग ऐप की नहीं, बल्कि एक बड़े डिजिटल पब्लिशिंग और वेब प्लेटफॉर्म की भी बन सकती है।