उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में जारी किया उच्च गुणवत्ता वाला स्वदेशी बीज
नई दिल्ली। देश में उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के उत्पादन को नई दिशा देने की पहल हुई है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्च गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वदेशी तकनीक किसानों की आय बढ़ाने के साथ आयात पर निर्भरता कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश समेत आठ राज्यों के बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों और गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े भागीदारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और कृषि ने देश की सभ्यता तथा सांस्कृतिक जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय में कृषि को मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वदेशी बीजों के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। देश में विकसित नई हाइब्रिड तकनीक इस निर्भरता को कम करने के साथ विदेशी मुद्रा की बचत में भी सहायक होगी। उन्होंने गॉरमेट पॉपकॉर्निका और इससे जुड़े किसानों को ऐसा स्वदेशी बीज विकसित करने के लिए बधाई दी, जो वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है।
राधाकृष्णन ने पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और नमो ड्रोन दीदी जैसी केंद्र सरकार की किसान-केंद्रित योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों की सराहना की। इनमें रायथु बाजार, बागवानी एवं प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहन और किसानों के लिए सहायता प्रणाली शामिल हैं।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि गॉरमेट पॉपकॉर्निका के साथ आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान जुड़े हैं और करीब 40 हजार एकड़ भूमि पर खेती कर रहे हैं। उन्होंने एसबीपी पट्टाभि रामाराव और गॉरमेट पॉपकॉर्निका के आंध्र प्रदेश के स्थानीय उद्यम से मक्का प्रसंस्करण के प्रमुख उद्यम बनने तक के सफर की सराहना की। इससे हजारों किसान परिवारों के लिए बाजार तक पहुंच और आय के नए अवसर तैयार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि एक छोटी शुरुआत को बड़े दृष्टिकोण और बड़े सपने की ओर ले जाने वाला होना चाहिए। मुसुनुरु की यह पहल दिखाती है कि किसान, वैज्ञानिक और उद्यमी मिलकर कृषि क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। स्वदेशी बीज और नई तकनीक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उपराष्ट्रपति ने गॉरमेट पॉपकॉर्निका फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरे ज का भी निरीक्षण किया। यहां उन्हें मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश, किंजरापु अचन्नाइडु और कोलुसु पार्थसारथी समेत अन्य गणमान्य लोग और गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
