अगस्त क्रांति दिवस पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने श्री विजयपुरम में फहराया राष्ट्रीय ध्वज
श्री विजयपुरम : जिस अंडमान-निकोबार की धरती ने काला पानी की यातनाएं झेलने वाले अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष देखा और जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराकर इतिहास रचा था, उसी ऐतिहासिक भूमि से उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगस्त क्रांति दिवस पर हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की। श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए उन्होंने देशवासियों से तिरंगे को गर्व के साथ फहराने और साहस, एकता तथा देशभक्ति के मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।
वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में मनाए जाने वाले अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने अंडमान-निकोबार के ऐतिहासिक महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान कोई दूसरा नहीं हो सकता। ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साथ तिरंगे के इतिहास से भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
डीबीआरएटी सभागार में वंदे मातरम के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह और तिरंगा संगीत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि भारती द्वारा मनाया गया मणि कोडी उत्सव भारतीय भावना के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को अभिव्यक्त करता है। हर घर तिरंगा अभियान उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए देश के नागरिकों को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और साझा भविष्य के सूत्र में बांधता है।
अंडमान की सेलुलर जेल और काला पानी की यातनाओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदान की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर समेत सेलुलर जेल में यातनाएं सहने वाले अनगिनत देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का साहस, देशभक्ति और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने भारत छोड़ो आंदोलन को याद करते हुए कहा कि 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के करो या मरो के आह्वान ने लाखों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ दिया था। इस आंदोलन ने आजादी की लड़ाई को निर्णायक गति प्रदान की। उन्होंने अंडमान-निकोबार और तिरंगे के ऐतिहासिक रिश्ते का जिक्र करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा 30 दिसंबर 1943 को यहां भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने को स्वतंत्रता संग्राम का ऐतिहासिक क्षण बताया।
हर घर तिरंगा अभियान के महत्व पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से राष्ट्रीय ध्वज को गर्व से फहराने के साथ देशभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे विविधता में एकता और एक भारत, श्रेष्ठ भारत का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने द्वीप समूह की समृद्ध आदिवासी विरासत के साथ कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना को महत्वपूर्ण बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे भारत की समुद्री क्षमताएं और मजबूत होंगी। परियोजना से कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों और विकास के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की परंपरा हमेशा शांति और उदारता की रही है, लेकिन इस उदारता को कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। देश को अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहना होगा। उन्होंने नागरिकों से तिरंगे से साहस, एकता और उम्मीद की प्रेरणा लेकर मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और हर घर तिरंगा प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और तिरंगे से जुड़े संदेश को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी सेवानिवृत्त, मुख्य सचिव चंचल यादव, श्री विजयपुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंता और जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उमर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।